एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
27 किलो चांदी लूट कांड: भोपाल की ईरानी गैंग के दो बदमाश वाराणसी में पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार; 4 किलो चांदी और हथियार बरामद
वाराणसी/भोपाल: देश भर में वारदातों को अंजाम देने वाली कुख्यात ईरानी गैंग के खिलाफ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वाराणसी के लंका क्षेत्र में 3 अगस्त की देर रात चौक पुलिस, एसओजी और लंका पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गोली लगने से घायल दो शातिर लुटेरे मध्य प्रदेश के भोपाल के निकले। पुलिस ने इनके पास से 17 जुलाई को लूटी गई कुल 27 किलो चांदी में से 4 किलो चांदी, नकदी, अवैध हथियार और वारदात में प्रयुक्त बलेनो कार बरामद कर ली है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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ईरानी गैंग का पर्दाफाश: वाराणसी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए दोनों लुटेरे भोपाल (मध्य प्रदेश) के रहने वाले ईरानी गैंग के सदस्य हैं।
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बदमाशों की पहचान: गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद अली उर्फ शाबिर हसन (निवासी अमन कॉलोनी, करोंद, भोपाल / हाल पता पिपारिया, नर्मदापुरम) और माशाअल्लाह (निवासी पिपरिया, नर्मदापुरम) शामिल हैं। मुख्य आरोपी शाबिर पर पहले से 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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बड़ी जब्ती: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 किलो चांदी, 15,020 रुपये नकद, दो असलहे, चार जिंदा कारतूस और एक बलेनो कार सहित अन्य सामान जब्त किया है।
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संगठित अपराध का केस: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित होकर अपराध करने की धाराओं में नया केस दर्ज किया है, जिससे उनकी अवैध संपत्ति को जब्त किया जा सके।
कैसे हुआ खुलासा? ICJS प्लेटफार्म बना मददगार
वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने इस अंधे कत्ल और लूट की गुत्थी सुलझाने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया। वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज से पुलिस के हाथ एक बदमाश की फोटो लग गई थी।
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ICJS का उपयोग: पुलिस ने इस फोटो को ICJS (इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) पोर्टल पर अपलोड किया, जिससे तुरंत बदमाशों के नाम, पते और मोबाइल नंबर की जानकारी मिल गई।
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देशभर में दबिश: इसके बाद पुलिस रांची, दिल्ली, कोलकाता, कानपुर और जयपुर जैसे उन शहरों में गई जहां इस गिरोह ने पहले वारदातें की थीं। अंत में तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर वाराणसी के लंका इलाके में मुठभेड़ के दौरान ये बदमाश धरे गए।
वारदात का तरीका और पुलिस की चूक
जांच में सामने आया कि यह गिरोह बड़े शहरों को निशाना बनाता था। 17 जुलाई को बदमाश दिन में बनारस पहुंचे, सराफा बाजार की रेकी की और चौक इलाके में वारदात को अंजाम देने के बाद टेंपो, ई-रिक्शा और अपनी बलेनो कार बदलकर फरार हो गए थे।
बदमाशों ने वारदात के बाद सात दिन तक अपने मोबाइल फोन बंद रखे और बाद में नए सिम का इस्तेमाल करने लगे। हालांकि, उनका मोबाइल हैंडसेट पुराना ही था, जिसके चलते सर्विलांस टीम ने उनकी लोकेशन ट्रेस कर ली और पुलिस आखिरकार उन तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस अब गिरोह के अन्य 5 फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।




