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भोपाल में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, मिलावट की आशंका के चलते 12 लाख का घी जब्त, नमूने जांच के लिए भेजे

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

भोपाल में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: पटेल नगर स्थित डिस्ट्रीब्यूटर से 12.66 लाख रुपए का संदिग्ध घी जब्त, स्टॉक सील

भोपाल: राजधानी भोपाल में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने पटेल नगर स्थित श्रीराम डिस्ट्रीब्यूटर्स पर छापा मारकर करीब 2,095 लीटर/किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त किया है। जब्त किए गए इस मिलावट के संदेह वाले घी की कुल कीमत लगभग 12.66 लाख रुपए आंकी गई है। प्रथम दृष्टया गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर विभाग ने पूरे स्टॉक को सील कर दिया है और इसकी सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की जांच शुरू कर दी है।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • लाखों का संदिग्ध घी जब्त: खाद्य विभाग ने भोपाल के पटेल नगर से लगभग 12.66 लाख रुपए मूल्य का 2,095 लीटर/किलोग्राम घी सील किया है।

  • प्रमुख ब्रांड्स शामिल: जब्त किए गए स्टॉक में ‘धौलपुर फ्रेश दानेदार देसी घी’ और ‘गोवर्धन प्योर काउ घी’ की बड़ी खेप शामिल है।

  • इंदौर से हुई थी सप्लाई: शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह संदिग्ध घी इंदौर स्थित सुपर स्टॉकिस्ट और C&F एजेंटों के माध्यम से भोपाल पहुंचाया गया था।

  • प्रयोगशाला में जांच: विभाग ने दोनों उत्पादों के विधिक नमूने (सैंपल) लेकर उन्हें परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

कैसे हुई कार्रवाई?

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने बताया कि पुख्ता सूचना के आधार पर हमीदिया रोड स्थित श्रीराम डिस्ट्रीब्यूटर्स (58, पटेल नगर) पर यह औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान वहां भारी मात्रा में घी की पैकिंग मिली, जिसकी गुणवत्ता प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हुई।

इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों के तहत तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया। जब्त माल का विवरण इस प्रकार है:

  • धौलपुर फ्रेश घी: लगभग 655 किलोग्राम (अनुमानित कीमत ~4.48 लाख रुपए)

  • गोवर्धन प्योर काउ घी: लगभग 1,440 लीटर (अनुमानित कीमत ~8.18 लाख रुपए)

निर्माता से लेकर रिटेलर तक होगी जांच

खाद्य विभाग की टीम अब इस मामले की तह तक जाने के लिए मैन्युफैक्चरर (निर्माता) से लेकर सुपर स्टॉकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर और अंतिम रिटेलर तक पूरी सप्लाई चेन की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित कंपनियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के लिए दूध और दुग्ध उत्पादों की जांच का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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