जांच में यह भी पता चला कि जैन ने अचल संपत्ति बेचने के बहाने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में 2.35 करोड़ रुपये नकद जमा किए थे, जिसके लि …और पढ़ें
HighLights
- जांच में यह भी पता चला कि जैन ने अचल संपत्ति बेचने के बहाने।
- परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में 2.35 करोड़ नकद जमा किए।
- जमा की गई नकद राशि को फिक्स्ड डिपाजिट में बदल दिया गया।
भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टेट बैंक आफ इंडिया(एसबीआइ) के स्थानीय प्रधान कार्यालय (एलएचओ) भोपाल के पूर्व सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) अनिल जैन की तीन करोड़ रुपये की चल संपत्ति अस्थायी तौर पर अटैच कर ली है।
जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत यह कार्रवाई की है। ईडी ने सीबीआई भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी।
आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में यह प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। ईडी की जांच में पता चला कि एक अप्रैल 2017 से 31 दिसंबर 2018 के बीच अनिल कुमार जैन ने तीन करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की थी जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से 481 प्रतिशत अधिक थी।
जांच में यह भी पता चला कि जैन ने अचल संपत्ति बेचने के बहाने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में 2.35 करोड़ रुपये नकद जमा किए थे, जिसके लिए उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया।
जमा की गई नकद राशि को फिक्स्ड डिपाजिट में बदल दिया गया ताकि अपराध से और कमाई की जा सके। पूछताछ में वह नकद जमा राशि के बारे में कोई विश्वसनीय स्पष्टीकरण या साक्ष्य नहीं दे पाए।
जांच में सामने आया है कि जैन ने चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित हवाला चलाने वालों की मिलीभगत से अपनी अवैध आय को वैध आय के रूप में दिखाने की कोशिश की। इसके लिए शेल कंपनी का सहारा लिया था।




