एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भोपाल नगर निगम का बड़ा एक्शन: आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर नकेल, 62,500 संपत्तियों को किया गया चिह्नित
भोपाल: राजधानी भोपाल के आवासीय क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित व्यावसायिक गतिविधियों और नियम विरुद्ध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम ने अब तक का सबसे बड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में जारी किए गए मात्र 1,000 नोटिसों पर असंतोष जताए जाने के बाद, निगम प्रशासन ने सर्वे का दायरा बढ़ाते हुए शहर भर में लगभग 62,500 ऐसी आवासीय संपत्तियों को चिह्नित किया है, जहां बिना अनुमति कमर्शियल गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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62,500 संपत्तियों पर रडार: नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड के आधार पर शहर की 62,500 ऐसी आवासीय संपत्तियों को चिह्नित किया है, जहां नियमों के विपरीत व्यावसायिक सेटअप चल रहे हैं।
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20 विशेष टीमें गठित: कार्रवाई को तेज करने के लिए 80 अधिकारियों-कर्मचारियों की 20 विशेष टीमें बनाई गई हैं, जिन्हें प्रतिदिन 500 नोटिस जारी करने का लक्ष्य दिया गया है।
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विभिन्न क्षेत्रों में हड़कंप: अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी जैसे इलाकों में कमर्शियल दुकानें चला रहे कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
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ग्रीन बेल्ट और कैचमेंट एरिया की जांच: मुख्य सड़कों के साथ-साथ अंदरूनी गलियों, वाटर बॉडीज के कैचमेंट एरिया, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और अवैध मैरिज गार्डनों के खिलाफ भी कड़ी पड़ताल की जा रही है।
रोजाना जारी हो रहे हैं सैकड़ों नोटिस
नगर निगम की विशेष टीमों द्वारा हर विधानसभा क्षेत्र में ताबड़तोड़ नोटिस थमाए जा रहे हैं। हाल ही में एक ही दिन में 557 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए, जिसमें सर्वाधिक 264 नोटिस नरेला विधानसभा क्षेत्र और 125 नोटिस हुजूर क्षेत्र में दिए गए। नोटिस पाने वाले संपत्ति मालिकों को दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।
नगर निगम के उपायुक्त (भवन अनुज्ञा) भुवन गुप्ता के अनुसार, जिन परिसरों में स्वीकृत नक्शे का उल्लंघन कर या बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त सीलिंग और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध कमर्शियल गतिविधियों पर लगाम लगने की पूरी उम्मीद है।




