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भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को केंद्र की मंजूरी… विदिशा, सागर, महोबा और झांसी से कनेक्ट होगा रूट, दूरी भी घटेगी

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को केंद्र की औपचारिक मंजूरी: 15,000 करोड़ की इस परियोजना से 7 घंटे में तय होगा सफर; बुंदेलखंड सीधा जुड़ेगा एनसीआर से

भोपाल: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच यातायात को अत्यंत सुगम, तेज और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बहुप्रतीक्षित भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आधुनिक फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण से दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन संबंधों को अभूतपूर्व गति मिलेगी।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • मंजूरी मिली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भोपाल-आगरा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है, जिससे निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

  • समय और दूरी में भारी कमी: इस एक्सप्रेस-वे के बनने से भोपाल से आगरा का सफर जो अभी 12 से 13 घंटे का होता है, वह घटकर केवल 7 घंटे रह जाएगा।

  • अनुमानित लागत: इस महत्वाकांक्षी फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

  • 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य: अधिकारियों के अनुसार, अगले तीन वर्षों के भीतर इस परियोजना के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएँ और रूट नेटवर्क

  • रूट नेटवर्क: यह एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश के विदिशा और सागर जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश के महोबा और झांसी सीमा से कनेक्ट होगा।

  • बुंदेलखंड से एनसीआर की सीधी कनेक्टिविटी: इस औद्योगिक गलियारे के बनने से बुंदेलखंड क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों को सीधे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे माल ढुलाई की लागत में भी भारी कमी आएगी।

  • अत्याधुनिक सुविधाएं: मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए विश्राम स्थल (Rest Areas), ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन, आपातकालीन चिकित्सा केंद्र और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जाएंगे।

  • सुरक्षा मानक: हादसों की आशंका को न्यूनतम करने के लिए इस मार्ग पर स्वचालित यातायात प्रबंधन प्रणाली (ATMS) लागू की जाएगी।

इस एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक गलियारों के विकसित होने से स्थानीय व्यापारियों, कृषि उत्पादकों और युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे।

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