एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों की हुंकार: 100 से अधिक संगठन एकजुट, 15 सितंबर तक समाधान न मिलने पर अनिश्चितकालीन शहर बंद की चेतावनी
भोपाल: राजधानी भोपाल के रिहायशी इलाकों में नगर निगम द्वारा दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर की जा रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है। शहर के 100 से अधिक व्यापारिक संगठनों ने एकजुट होकर राज्य सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 15 सितंबर तक इस समस्या का कोई व्यावहारिक समाधान नहीं निकाला गया, तो पूरा भोपाल बाजार अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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गांधी प्रतिमा के सामने ‘रामधुन’ गाकर विरोध: बुधवार को भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारियों ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर के पास महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से ‘रामधुन’ और भजन गाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
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60 हजार दुकानें और 6 लाख लोगों की आजीविका दांव पर: व्यापारी संगठनों का कहना है कि नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर का व्यापारिक ढांचा तबाह हो जाएगा। यदि सीलिंग नहीं रोकी गई, तो भोपाल के लगभग 60 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हो जाएंगे, जिससे उन पर निर्भर 6 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर सीधा संकट आ जाएगा।
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‘मिक्स लैंड यूज’ और नए मास्टर प्लान की मांग: व्यापारियों की मुख्य मांग है कि जब तक सरकार ‘मिक्स लैंड यूज’ (मिश्रित भूमि उपयोग) और नया मास्टर प्लान लागू नहीं करती, तब तक सीलिंग और नोटिस देने की कार्रवाई पूरी तरह रोकी जाए।
सरकार को 15 सितंबर का अल्टीमेटम
चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने बताया कि इस मामले में 15 सितंबर को राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अपना शपथ-पत्र प्रस्तुत करना है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उससे पहले कोई ठोस राहत नीति नहीं बनाई, तो उनका आंदोलन और अधिक उग्र होगा और वे सड़कों पर उतरकर अनिश्चितकालीन व्यापार बंद करने के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में व्यापारियों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से भी मुलाकात का समय मांगा है।




