एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल पश्चिमी बाइपास की पुनरीक्षित लागत मंजूर, आरजीपीवी का होगा तीन हिस्सों में विभाजन; के. साईं मनोहर बने सलाहकार
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट की अहम बैठक में कई दूरगामी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने राजधानी भोपाल के विकास और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई प्रस्तावों को अपनी हरी झंडी दे दी है, जिसमें भोपाल पश्चिमी बाइपास, आरजीपीवी का पुनर्गठन और प्रशासनिक नियुक्तियां शामिल हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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भोपाल पश्चिमी बाइपास को मंजूरी: कैबिनेट ने भोपाल पश्चिमी बाइपास की पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति दे दी है। इस बाइपास के बनने से जबलपुर से इंदौर जाने वाले वाहन चालकों को भारी राहत मिलेगी और उनका 21 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा बचेगा।
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लंबाई कम और वन्यजीवों की सुरक्षा: पुनरीक्षित योजना के तहत अब इस मार्ग की लंबाई 41 किमी से घटाकर 35 किलोमीटर कर दी गई है। साथ ही, रातापानी वन क्षेत्र से गुजरने वाले इस मार्ग पर वन्यजीवों की सुरक्षा और आवाजाही के लिए विशेष अंडरपास बनाए जाएंगे।
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आरजीपीवी का होगा तीन हिस्सों में विभाजन: तकनीकी शिक्षा के बेहतर संचालन और विकेंद्रीकरण के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को अब तीन अलग-अलग हिस्सों (मुख्यालय) में बांटा जाएगा, जो भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में बनाए जाएंगे। इसके साथ ही इनकी शिक्षा प्रणाली को कौशल विकास (Skill Development) से भी जोड़ा जाएगा।
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के. साईं मनोहर बने सलाहकार: प्रशासनिक और सुरक्षा मामलों में समन्वय के लिए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के. साईं मनोहर को राज्य सरकार में सलाहकार नियुक्त किया गया है, जिनका मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में रहेगा।




