एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
प्रशासनिक फेरबदल में यू-टर्न: महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त IAS निधि निवेदिता का ट्रांसफर आदेश रद्द; कार्य विभाजन और पदोन्नति के फैसले भी निरस्त
भोपाल: मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में पिछले कुछ दिनों से चल रहे प्रशासनिक उठापटक के बीच शासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। संचालनालय के अधिकारियों के साथ हुए विवाद के बाद हटाई गई विभाग की आयुक्त और आईएएस अधिकारी निधि निवेदिता का स्थानांतरण आदेश शासन ने रद्द कर दिया है। इसके साथ ही उनके द्वारा हाल ही में किए गए कार्य विभाजन और कर्मचारियों की पदस्थापना से जुड़े आदेशों को भी निरस्त कर दिया गया है। विभाग की उप सचिव माधवी नागेंद्र द्वारा बुधवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए गए।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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चार दिन में बदला फैसला: आईएएस निधि निवेदिता का स्थानांतरण पांच सितंबर को किया गया था, लेकिन स्थिति की समीक्षा के बाद महज चार दिन के भीतर ही शासन ने उनके ट्रांसफर आदेश को निरस्त कर दिया है।
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विवाद की पृष्ठभूमि: पिछले महीने 14 अगस्त को संचालनालय में एक बैठक के दौरान आयुक्त का संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव के साथ विवाद हो गया था, जिसके बाद अधिकारी-कर्मचारी लामबंद हो गए थे। हालांकि, मंत्री निर्मला भूरिया की मध्यस्थता के बाद मामला शांत हुआ था।
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कार्य आवंटन और अन्य आदेश रद्द: तीन सितंबर को निधि निवेदिता ने 14 अधिकारियों के कार्य आवंटन में फेरबदल किया था, जिस पर अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। इसके अलावा, जवाहर बाल भवन में संचालक की नियुक्ति और सहायक ग्रेड-1 व ग्रेड-2 के 66 कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद जारी पदस्थापना आदेशों को भी शासन ने वापस ले लिया है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा
आयुक्त स्तर पर हुए इस विवाद और उसके बाद तेजी से बदले राजनीतिक व प्रशासनिक घटनाक्रम ने मंत्रालय से लेकर संचालनालय तक हलचल बढ़ा दी थी। अब शासन द्वारा ट्रांसफर और फैसलों को निरस्त किए जाने के बाद विभाग में व्यवस्थाओं को सामान्य करने की कवायद शुरू हो गई है।




