एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
नर्सिंग काउंसिल कार्यालय पर तालाबंदी: 33वें दिन भी जारी रहा स्टूडेंट्स का धरना; संचालक बीनू कुशवाहा और रजिस्ट्रार को हटाने की मांग
भोपाल: मध्य प्रदेश में नर्सिंग छात्रों का आंदोलन अब और अधिक उग्र हो गया है। नर्सिंग स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (NSO) के बैनर तले भोपाल स्थित नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के सामने चल रहा धरना बुधवार को 33वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान छात्रों ने काउंसिल कार्यालय पर मुख्य गेट पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया और नर्सिंग शिक्षा संचालक बीनू कुशवाहा तथा रजिस्ट्रार उपेंद्र धोते को तत्काल पद से हटाने की मांग की।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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मान्यता प्रक्रिया पर गंभीर सवाल: संगठन का आरोप है कि कई नर्सिंग कॉलेजों में फर्जी फैकल्टी और कमियां होने के बावजूद सत्र 2026-27 के लिए मान्यता दी जा रही है। छात्रों ने मांग की है कि फर्जी दस्तावेज और फैकल्टी का उपयोग करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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लंबित मामलों और परीक्षाओं का मुद्दा: पुराने सत्रों के विद्यार्थियों की रुकी हुई परीक्षाएं, परीक्षा परिणाम (रिजल्ट) और छात्रवृत्ति से जुड़े मामलों का अब तक समाधान नहीं हुआ है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका है।
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10 करोड़ रुपये के भुगतान की जांच की मांग: छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि काउंसिल के कई मामलों को अदालत में ले जाने के कारण कानूनी खर्च बढ़ा है और छात्रों की फीस से एक बड़ी राशि वकीलों को भुगतान की गई है। उन्होंने लगभग 10 करोड़ रुपये के इस भुगतान की उच्च स्तरीय जांच कराने और इसका पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
संगठन के संस्थापक गोपाल पाराशर ने मांग की है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम’ सख्ती से लागू किया जाए। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में छात्र शामिल हुए। छात्रों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और लंबित मामलों का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन और आंदोलन इसी प्रकार जारी रहेगा।




