एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
रेलवे के आधुनिकीकरण की ओर बड़ा कदम: भोपाल की भेल (BHEL) और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स मिलकर करेंगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का 35 साल तक रखरखाव
भोपाल/नई दिल्ली: देश में रेल सुविधाओं को और अधिक आधुनिक एवं सुगम बनाने की दिशा में भोपाल स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स (टीआरएसएल) ने एक ऐतिहासिक साझेदारी की है। दोनों प्रतिष्ठित कंपनियों ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के दीर्घकालिक रखरखाव के लिए 50:50 की हिस्सेदारी वाली एक संयुक्त उद्यम कंपनी (Joint Venture) के गठन हेतु आधिकारिक समझौता किया है। इस महत्वपूर्ण समझौते पर भेल की कार्यपालक निदेशक श्यामला वेंकटरमन और टीटागढ़ के डिप्टी एमडी अनिल कुमार अग्रवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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35 साल तक रहेगा रखरखाव का जिम्मा: इस कंसोर्टियम को भारतीय रेलवे से कुल 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की आपूर्ति करने के साथ-साथ अगले 35 वर्षों तक उनके संपूर्ण रखरखाव और देखरेख का बड़ा अनुबंध प्राप्त हुआ है।
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तकनीकी विशेषज्ञता का समन्वय: यह नई साझा कंपनी दोनों प्रमुख कंपनियों की उच्चस्तरीय तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव का उपयोग करेगी, जिससे ट्रेनों के पूरे 35 साल के सेवाकाल के दौरान उनकी सुरक्षा, यात्री सुविधा, सुगम संचालन और विश्वसनीयता पूरी तरह चाक-चौबंद बनी रहे।
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भेल की भूमिका: सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भेल की इस साझेदारी में सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।




