एमपी के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील घोटाला! रसोइयों के मानदेय में बड़ी गड़बड़ी; अब बिना e-KYC नहीं होगा भुगतान
Publisher: Agrasar India
Publish Date: MON, 13 Jul 2026 | 09:00 PM (IST)
Highlights
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बड़ा खुलासा: पीएम पोषण पोर्टल के ऑडिट में सामने आई गड़बड़ी, काम करने वाले रसोइयों की जगह दूसरों के खातों में जा रहा था पैसा।
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सख्त आदेश: प्रदेश के सभी 74 हजार रसोइयों का 20 जुलाई तक होगा अनिवार्य भौतिक सत्यापन, गड़बड़ी मिलने पर दर्ज होगी FIR।
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नया नियम: भुगतान पाने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) और समग्र आईडी का बैंक खातों से मिलान जरूरी, अतिरिक्त रसोइयों का मानदेय रुकेगा।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा आठवीं तक के 55 लाख से अधिक बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) तैयार करने वाले रसोइयों के मानदेय भुगतान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। पीएम पोषण पोर्टल के माध्यम से होने वाले भुगतान की हालिया समीक्षा में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रसोइयों के नाम और पते तो रिकॉर्ड में सही दर्ज हैं, लेकिन उनके बैंक खाते किसी और के लगे हुए हैं। यानी स्कूलों में खाना कोई और बना रहा है और उसका मेहनताना किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो रहा है। इसके अलावा, जांच प्रतिवेदन में एक ही रसोइए का पंजीयन अलग-अलग स्कूलों में होने की बात भी सामने आई है।
भौतिक सत्यापन के कड़े निर्देश, होगी एफआईआर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव संजय गोयल ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला है। उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEOs) और स्कूल के प्रधानाध्यापकों को सभी रसोइयों का अनिवार्य भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या धोखाधड़ी प्रमाणित होती है, तो संबंधितों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी। सभी अधिकारियों को 20 जुलाई 2026 तक अपनी ऑनलाइन जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।
नए नियम: कैसे रुकेगी मानदेय की हेराफेरी?
| क्र. सं. | नई व्यवस्था / निर्देश | प्रभाव और उद्देश्य |
| 1. | अनिवार्य e-KYC व समग्र आईडी सत्यापन | रसोइयों के पहचान दस्तावेजों से जुड़े बैंक खातों का सीधा मिलान किया जाएगा, ताकि सही व्यक्ति को पैसा मिले। |
| 2. | अतिरिक्त रसोइयों के भुगतान पर रोक | यदि किसी स्कूल में तय मापदंड से अधिक रसोइए पंजीकृत मिलते हैं, तो उनका मानदेय रोक दिया जाएगा। |
| 3. | एजेंसी की जिम्मेदारी | अतिरिक्त मानदेय दिए जाने की स्थिति में उसका पूरा वित्तीय बोझ संबंधित क्रियान्वयन एजेंसी को खुद उठाना होगा। |
| 4. | विकासखंड स्तर पर क्रॉस-वेरिफिकेशन | विकासखंड समन्वयकों (Block Coordinators) द्वारा भी पूरे रिकॉर्ड का दोबारा सत्यापन कराया जाएगा। |
निगरानी के लिए तकनीकी रूप से मजबूत की गई व्यवस्था
इस पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और भविष्य में किसी भी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने एक विशेष डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम तैयार किया है। अब मध्याह्न भोजन की निगरानी के लिए शिक्षा विभाग के ‘एजुकेशन पोर्टल’ की लॉगिन आईडी को सीधे ‘पीएम पोषण पोर्टल’ से लिंक कर दिया गया है। स्कूल के प्रधानाध्यापक अपनी आधिकारिक यूजर आईडी से लॉगिन करके ही डेटा अपडेट कर सकेंगे। साथ ही विकासखंड समन्वयकों के लिए भी विशेष पंजीकृत लॉगिन आईडी को अनिवार्य बनाया गया है।




