Publisher: Agrasar India | News Desk
स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब विपक्ष ने सत्तारूढ़ दल को नीट (NEET) परीक्षा धांधली और आंदोलनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि मंत्री ने हक की आवाज उठा रहे आंदोलनकारी छात्रों को ‘कीड़ा’ कहकर संबोधित किया है। कांग्रेस ने इस विवादित बयान पर विजयवर्गीय से तुरंत सार्वजनिक माफी की मांग की।
सदन में जबरदस्त घमासान और तीखी नोकझोंक के बाद कांग्रेस विधायकों ने वाकआउट (सदन से बहिर्गमन) किया और विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
छात्रों का अपमान बर्दाश्त नहीं, सरकार दे जवाब: विपक्ष
सदन की कार्यवाही के दौरान जब कैलाश विजयवर्गीय अग्निशमन विधेयक पर बोल रहे थे, तब विपक्षी विधायकों ने नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
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बर्बरता का आरोप: कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि अपने भविष्य की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे निर्दोष छात्रों पर सरकार ने बर्बरता की सभी हदें पार कर दी हैं।
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‘कीड़ा’ कहने पर विवाद: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए छात्रों का अपमान कर रही है और उन्हें ‘कीड़ा’ बता रही है।
विजयवर्गीय का पलटवार
विपक्ष के तीखे हमलों पर पलटवार करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नीट परीक्षा में शुरुआत में कुछ कमियां आई थीं, लेकिन सरकार ने निष्पक्षता दिखाते हुए दोबारा परीक्षा कराई और लाखों छात्रों को राहत दी। उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को ‘राजनीतिक रूप से प्रायोजित’ करार दिया।
CM ऑफिस के बाहर धरना, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े विधायक
लाठीचार्ज और नीट मामले पर चर्चा की मांग खारिज होने से नाराज कांग्रेसी विधायक उमंग सिंघार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की।
हालांकि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और कैलाश विजयवर्गीय ने स्वयं जाकर विधायकों को समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
7,765.06 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश
हंगामे के बीच वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹7,765.06 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) सदन के पटल पर रखा।
बजट के प्रमुख आवंटन:
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नर्मदा घाटी विकास (सिंचाई): सर्वाधिक ₹3,000 करोड़ (परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के लिए)
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मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा: ₹101 करोड़
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पुलिस आधुनिकीकरण एवं ICJS: ₹157.15 करोड़ (98.83 करोड़ ICJS + 58.32 करोड़ आधुनिकीकरण)
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मेधावी छात्र योजना (लैपटॉप): ₹58.07 करोड़
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राजस्व विभाग (SDRF): ₹397.54 करोड़
विपक्ष के बहिष्कार के बीच 4 महत्वपूर्ण विधेयक पारित
कांग्रेस के बहिर्गमन और धरने के बीच सरकार ने सदन में 4 महत्वपूर्ण विधेयकों पर एकतरफा चर्चा कराकर उन्हें पारित करा लिया:
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मध्य प्रदेश ईज ऑफ डूइंग विधेयक
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मध्य प्रदेश उपकर संशोधन विधेयक
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धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक
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मध्य प्रदेश वैट संशोधन विधेयक
सत्र के अन्य खास पल:
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सांकेतिक नाटक: सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेसी विधायकों ने परिसर में एक नाटक का मंचन कर आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों पर सोई रहती है और सांप्रदायिक मुद्दों पर तुरंत सक्रिय हो जाती है।
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फायरमैन की वर्दी में पहुंचे विधायक: जबलपुर उत्तर से भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पांडे फायरमैन की वर्दी पहनकर और हाथ में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) लेकर विधानसभा पहुंचे तथा फायर सेफ्टी एक्ट लागू करने के लिए सरकार का आभार जताया।




