एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश के 70 हजार शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक जीत: जबलपुर हाई कोर्ट का सरकार को चार सप्ताह का अल्टीमेटम, पहली नियुक्ति से मिलेगा छठवें वेतनमान का लाभ
जबलपुर/भोपाल: मध्य प्रदेश के लगभग 70 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जबलपुर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश देते हुए अपना पुराना आदेश लागू करने के लिए चार सप्ताह का अंतिम समय दिया है। इस फैसले के तहत अब प्रदेश के शिक्षकों को उनकी प्रथम नियुक्ति की तिथि से सेवा अवधि की गणना करते हुए वर्ष 2006 से छठवें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट से सरकार को राहत न मिलने के बाद शिक्षकों के हक का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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विवाद की पृष्ठभूमि और कोर्ट का आदेश: वर्ष 2018 में अध्यापक संवर्ग का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया था, लेकिन संविदा और शिक्षाकर्मी के रूप में दी गई उनकी पिछली सेवाओं को नजरअंदाज किया जा रहा था। 497 शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पहली नियुक्ति से सेवा की गणना करने का ऐतिहासिक आदेश दिया है, जिससे शिक्षकों को 2006 से 2016 के बीच के 10 वर्षों के वेतन अंतर का पूरा एरियर मिलेगा।
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शिक्षकों को मिलने वाला संभावित एरियर:
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प्राथमिक शिक्षक: 6 लाख से 7 लाख रुपये तक
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माध्यमिक शिक्षक: 7 लाख से 8 लाख रुपये तक
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उच्च माध्यमिक शिक्षक: 8 लाख रुपये से अधिक
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मासिक वेतन (7वें वेतनमान का रिवीजन) में बढ़ोतरी: 2006 से सेवा जुड़ने के कारण 10 वर्षों के सालाना इंक्रीमेंट का लाभ मिलेगा, जिससे वर्ष 2018 का बेसिक पे बढ़कर नया वेतन इस प्रकार अनुमानित है:
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प्राथमिक शिक्षक: वर्तमान ₹80,000 ➔ नया अनुमानित ₹95,000 से ₹1,00,000
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माध्यमिक शिक्षक: वर्तमान ₹95,000 ➔ नया अनुमानित ₹1,10,000
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उच्च माध्यमिक शिक्षक: वर्तमान ₹1,00,000 ➔ नया अनुमानित ₹1,20,000 से ₹1,25,000
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सरकारी खजाने पर वित्तीय भार: इस बहुप्रतीक्षित फैसले को लागू करने से राज्य सरकार के राजकोष पर 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय प्रभाव पड़ेगा। इसमें 4,200 करोड़ से 5,600 करोड़ रुपये का एकमुश्त एरियर भुगतान शामिल है, साथ ही हर साल लगभग 1,470 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार भी बढ़ेगा।




