एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
गोपालक सम्मेलन में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: मध्य प्रदेश में बनेंगे 313 ‘वृंदावन गांव’, 273 करोड़ के डेयरी प्रोजेक्ट्स की सौगात; दूध का भाव बढ़कर हुआ 55 रुपये प्रति लीटर
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य के किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के जीवन स्तर को सुधारने और सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस पूरे वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें कृषि और पशुपालन को विकास का मुख्य आधार बनाया गया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर एमपी: मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में प्रतिदिन 2 करोड़ लीटर से अधिक दूध का उत्पादन हो रहा है, जिससे राज्य पूरे देश में दूध उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य में औसतन प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 750 ग्राम है।
-
दूध की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी: सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के परिणामस्वरुप, जहां पहले किसानों को दूध का भाव 35 रुपये प्रति लीटर मिलता था, वह अब बढ़कर 55 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ हुए अनुबंध के बाद दूध का दैनिक संग्रहण 8 लाख लीटर से बढ़कर 12 लाख लीटर हो गया है।
-
273 करोड़ रुपये के नए डेयरी प्रोजेक्ट्स: राज्य में डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए 255 करोड़ रुपये की लागत से तीन लाख लीटर क्षमता वाले नए डेयरी प्लांट का भूमिपूजन किया गया है। इसके साथ ही भोपाल में 12 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक प्रयोगशाला और शिवपुरी में 6 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं।
-
सभी 313 विकासखंडों में बनेंगे ‘वृंदावन गांव’: पशुपालकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए सरकार राज्य के सभी 313 विकासखंडों में ‘वृंदावन गांव’ विकसित करेगी। इन गांवों में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ उन्नत नस्ल के पशुपालन को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।
-
उन्नत नस्ल के पशुधन पर जोर: सीएम ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कम पशुधन होने के बावजूद बेहतर नस्ल के कारण दूध का उत्पादन बहुत अधिक है। मध्य प्रदेश में भी इसी तर्ज पर उच्च नस्ल के पशुधन को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि किसानों की आमदनी में कई गुना वृद्धि हो सके।




