एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) की ओर बड़ा कदम: विधानसभा से पारित विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
भोपाल: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य विधानसभा से 21 जुलाई को पारित किए गए यूसीसी विधेयक को अब औपचारिक रूप से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेज दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कदम के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस संहिता को तैयार करने के लिए अपनाई गई पूरी प्रक्रिया और ब्योरा तलब किया है, जिसके बाद विधि एवं विधायी विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए प्रेषित: मध्य प्रदेश विधानसभा से पारित यूसीसी विधेयक को अंतिम मुहर के लिए राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया है, जिस पर देश भर की निगाहें टिकी हुई हैं।
-
केंद्रीय गृह मंत्रालय की मांग: विधेयक के पहुंचने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य शासन से संहिता निर्माण की पूरी प्रशासनिक व विधिक प्रक्रिया का ब्योरा मांगा है, जिसे विधि विभाग जल्द ही प्रेषित करेगा।
-
विधेयक के प्रमुख प्रावधान: इस प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के दायरे में कई महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से:
-
बहुविवाह प्रथा पर पूर्ण रोक लगाना।
-
विवाह और तलाक का पंजीकरण अनिवार्य करना।
-
पैतृक संपत्ति में बेटे और बेटियों को समान उत्तराधिकार का अधिकार देना।
-
दत्तक ग्रहण (गोद लेने की प्रक्रिया) से जुड़े कड़े और स्पष्ट प्रावधान।
-
-
विशेष समिति और जनपरामर्श: राज्य में यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने देश के अन्य राज्यों (जैसे उत्तराखंड और गुजरात, जहां यूसीसी लागू है) के प्रावधानों का गहन अध्ययन करने के साथ-साथ प्रदेशभर में व्यापक जनपरामर्श भी किया था। इस दौरान राज्य के नागरिकों से करीब 9.58 लाख सुझाव प्राप्त हुए थे, जिन्हें पूरी गोपनीयता और सुरक्षा के साथ संरक्षित रखा गया है।




