एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में दिव्यांगों और बुजुर्गों का सफर होगा सुगम: मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को बनाया जाएगा हितैषी; बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
भोपाल: मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को समाज के हर वर्ग के लिए अधिक सुरक्षित, सुगम और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद, राज्य में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ को दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के अनुकूल (हितैषी) बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के इन विशिष्ट वर्गों को बाधा-मुक्त और सम्मानजनक यात्रा का अवसर प्रदान करना है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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आधुनिक तकनीकों से लैस होंगी सिटी बसें: नई परिवहन नीति के तहत बसों के बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। बस निर्माण के राष्ट्रीय ‘बस बॉडी कोड’ मानकों के अनुरूप विश्व स्तरीय और आधुनिक बसों का संचालन किया जाएगा।
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लो-फ्लोर तकनीक और रैंप की सुविधा: सभी नई सिटी बसों में ‘लो-फ्लोर’ तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले दिव्यांगजनों के लिए बसों में हाइड्रोलिक या मैनुअल रैंप लगाए जाएंगे, जिससे बस की ऊंचाई कम हो सकेगी और बुजुर्गों व दिव्यांगों का बसों में चढ़ना-उतरना बेहद आसान हो जाएगा।
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सुरक्षित लॉकिंग और आरक्षित सीटें: बसों के भीतर दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए विशेष सीटें आरक्षित रहेंगी। साथ ही, व्हीलचेयर को सुरक्षित रूप से लॉक करने के लिए डेसिग्नेटेड स्पेस (विशेष स्थान) और मजबूत सुरक्षा बेल्ट की व्यवस्था की जाएगी।
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डिजिटल डिस्प्ले और पैनिक बटन:
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दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और ऑटोमैटिक वॉयस अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे, जो आगामी स्टॉपेज की जानकारी देंगे।
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किसी भी आपातकालीन स्थिति या तुरंत सहायता के लिए यात्रियों की पहुंच के नजदीक ‘पैनिक बटन’ की सुविधा होगी, जिससे ड्राइवर और कंडक्टर को तुरंत अलर्ट मिल सके।
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स्टाफ का विशेष प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे का विकास: बस ड्राइवरों और कंडक्टरों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे दिव्यांगों और बुजुर्गों के साथ पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ पेश आएं। इसके अलावा, राज्य के प्रमुख बस टर्मिनलों और बस स्टॉप्स पर भी रैंप, सुलभ शौचालय और ब्रेल साइनेज जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।




