एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / क्राइम डेस्क
पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड: डिजिटल दुनिया से दूरी बनाकर पुलिस को लगातार छका रहा है आरोपी वरुण, 50 हजार का इनाम घोषित
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में आरोपी वरुण कुमार अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। हाईटेक संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञों से लैस पुलिस टीमों के लिए आरोपी एक पहेली बन गया है, क्योंकि वह न तो मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है और न ही बैंक खातों या एटीएम के जरिए कोई वित्तीय लेनदेन कर रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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वारदात और फरार होने का तरीका: रातीबड़ के सूरज नगर में पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल के यहां 26 सितंबर को केयरटेकर की नौकरी पर आए वरुण ने 30 सितंबर की रात सर्जिकल ब्लेड से उनकी हत्या कर दी थी। इसके बाद वह लिफ्ट और ट्रेन के सफर के जरिए पहले बीना और फिर ग्वालियर पहुंचा, जहां उसने कुछ देर के लिए मोबाइल ऑन किया था।
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वृंदावन में मिला लावारिस फोन: ग्वालियर के बाद आरोपी का मोबाइल उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक नाले के किनारे मिला, जो कि एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति के पास था। इसके बाद से आरोपी ने पूरी तरह से डिजिटल उपकरणों से दूरी बना ली है।
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शून्य डिजिटल फुटप्रिंट: जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पंजाब के पटियाला स्थित एसबीआई खाते में उसके पास मात्र दो रुपये हैं, जिससे एटीएम ट्रांजैक्शन या वित्तीय सुराग मिलने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उसकी सिम भी पहले ही बंद हो चुकी थी।
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पुलिस की तलाश और इनाम: पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, भोपाल पुलिस स्थानीय मुखबिरों और पारंपरिक तरीकों से संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और ग्वालियर, आगरा तथा पटियाला में टीमें लगातार उसकी सुरागकसी में जुटी हैं।




