एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल / राज्य डेस्क
मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की बड़ी पहल: सभी ‘वृंदावन ग्राम’ अब जुड़ेंगे क्षीर सागर योजना से, नस्ल सुधार और दूध उत्पादन को मिलेगा नया आयाम
भोपाल: मध्य प्रदेश को देश की दुग्ध राजधानी (मिल्क कैपिटल) के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार, प्रदेश के ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे सभी ‘वृंदावन ग्रामों’ को अब ‘क्षीर सागर योजना’ में शामिल कर लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पशुओं के नस्ल सुधार, संतुलित पोषण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं जैसी कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
क्षीर सागर योजना का विस्तार: पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित इस योजना के माध्यम से वृंदावन ग्रामों में पशुपालकों को सशक्त बनाने और दुग्ध व्यवसाय को वैज्ञानिक व आधुनिक आधार देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
-
208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में फोकस: प्रदेश के 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित हो रहे ‘मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम’ अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं। यह अनूठा नवाचार राज्य में गोपालन और श्वेत क्रांति को नई ऊंचाइयां देने में मील का पत्थर साबित होगा।
-
दुग्ध समितियों का गठन: प्रदेश के 129 गांवों में अब तक दूध समितियों का गठन किया जा चुका है, जिनमें से 70 गांवों में दुग्ध संघ की व्यावसायिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पशुपालकों को उनके दूध का उचित मूल्य मिल रहा है।
-
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृंदावन ग्रामों में संचालित गोशालाओं और उनके विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




