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भोपाल / अपराध एवं पुलिस प्रशासन डेस्क
कटाराहिल्स अवैध शराब कांड में सनसनीखेज खुलासा: महिला एडिशनल डीसीपी की रेड के बाद थाने में गायब हो गई 5 लीटर शराब; आरोपी को बचाने के खेल पर पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
भोपाल: राजधानी के कटाराहिल्स थाना क्षेत्र में रेत-गिट्टी की दुकान की आड़ में चल रहे अवैध शराब के बड़े कारोबार में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जोन-2 की एडिशनल डीसीपी मिनी शुक्ला द्वारा गुपचुप तरीके से की गई दबिश के दौरान पकड़ी गई शराब में से थाने पहुंचने के बाद 5 लीटर शराब रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। जब्ती की मात्रा 50 लीटर से घटकर 45 लीटर दर्ज किए जाने के कारण आरोपी गंभीर कानूनी धाराओं और जेल जाने से बच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने प्राथमिक जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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थाने से महज 1 किमी दूर चल रहा था अवैध धंधा: कटाराहिल्स थाना क्षेत्र के झागरिया गांव में रवि बंसल नामक व्यक्ति रेत-गिट्टी के कारोबार की आड़ में लंबे समय से अवैध शराब बेच रहा था। चूंकि उस पूरे थाना क्षेत्र में शराब की कोई वैध दुकान नहीं है, इसलिए आरोपी इसका फायदा उठा रहा था।
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एडिशनल डीसीपी की गुपचुप कार्रवाई: मुखबिर की सूचना पर पिछले दिनों एडिशनल डीसीपी जोन-2 मिनी शुक्ला और एसीपी उमराव सिंह ने मौके पर अचानक दबिश दी थी। हालांकि मुखबिरी के चलते मुख्य माल पहले ही हटा दिया गया था, फिर भी मौके से 50 लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद की गई थी।
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5 लीटर शराब गायब होने का खेल: महिला आईपीएस अधिकारी द्वारा जब्ती की कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद, जब माल थाने पहुंचा तो कुल मात्रा 50 लीटर से घटकर 45 लीटर दर्ज की गई।
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आरोपी को ऐसे मिला कानूनी फायदा: मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत 50 लीटर या उससे अधिक शराब मिलने पर मामला गैर-जमानती हो जाता है और आरोपी को तुरंत जेल भेजने के साथ 1 से 3 साल तक की सजा का प्रावधान है। वहीं, 50 लीटर से कम मात्रा होने पर सजा और जमानत के नियम नरम हो जाते हैं। मात्रा कम दर्ज होने से आरोपी फिलहाल जेल जाने से बच गया।
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थाना प्रभारी का अजीब तर्क: वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्पष्टीकरण मांगने पर थाना प्रभारी और जांच अधिकारी ने अजीबोगरीब सफाई दी है कि जब्त की गई बोतलों में शराब की मात्रा पहले से ही कम थी, जिसके कारण कुल वजन/मात्रा कम हो गई।
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पुलिस कमिश्नर का बयान: पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि मामले में लापरवाही और अनियमितता की पूरी जांच की जा रही है, तथा साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत कर दोषियों और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




