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भोपाल में 13 घंटे में शहर साफ करने का दावा हवा-हवाई, रातभर जुटे 14000 कर्मी, फिर भी लगे गंदगी के ढेर

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)

भोपाल / स्थानीय निकाय एवं स्वच्छता डेस्क

भोपाल में दीपावली पर सफाई व्यवस्था की पोल: निगम के 13 घंटे में शहर साफ करने के दावे फेल; रूप चौदस पर भी कई इलाकों में लगे रहे कचरे के ढेर, कचरे में लगाई गई आग

भोपाल: राजधानी में दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले सफाई व्यवस्था नगर निगम के कागजी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बुरी तरह उलझती नजर आई। तीन दिनों तक चली सफाईकर्मियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद नगर निगम ने महज 13 घंटे के भीतर पूरे शहर को साफ करने और 3500 टन कचरा उठाने का बड़ा दावा किया था। इसके तहत गुरुवार रात से ही 14 हजार सफाईकर्मियों को मैदान में उतारकर अभियान चलाने की बात कही गई थी। हालांकि, रूप चौदस के दिन शनिवार को शहर की हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट नजर आई और कई प्रमुख सड़कों व रिहायशी इलाकों में कचरे के अंबार लगे रहे।

प्रमुख बिंदु (Highlights)

  • दावे बनाम हकीकत: नगर निगम प्रशासन ने दावा किया था कि 14,000 कर्मचारियों ने रातभर काम कर 3500 टन से अधिक कचरा उठाया है और प्रमुख बाजारों (जैसे चौक बाजार, पीरगेट, लखेरापुरा, न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट और शाहपुरा-मनीषा मार्केट) में पानी से धुलाई कराई गई है। शनिवार सुबह महापौर मालती राय और निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने इन बाजारों का निरीक्षण भी किया था।

  • बाजारों से बाहर निकले तो दिखे कचरे के ढेर: वीआईपी बाजारों से इतर आम बस्तियों और कॉलोनियों की तस्वीर बेहद खराब रही। करोंद, छोला, अयोध्या बायपास, कटारा हिल्स रोड और अवधपुरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में शनिवार को भी सड़क किनारे कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे रहे।

  • कचरे में लगाई गई आग से फैला प्रदूषण: स्थिति तब और गंभीर हो गई जब करोंद समेत कई इलाकों में जमा कचरे के ढेरों में नगर निगम के कर्मचारियों या स्थानीय स्तर पर आग लगा दी गई। इससे उठे धुएं के गुबार ने शहर की हवा को और अधिक दूषित कर दिया। इसके अलावा, कई स्थानों पर मृत मवेशियों के न उठाए जाने के कारण फैली दुर्गंध से राहगीरों और स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

  • त्योहार के दिन भी कचरा समेटने में जुटेगा अमला: तीन दिन की हड़ताल के कारण जो कचरा जमा हुआ था, उसे पूरी तरह हटाने में निगम का अमला अभी भी जूझ रहा है। ऐसे में दीपावली के मुख्य पर्व के दिन भी सफाई कर्मचारियों को त्योहार मनाने के बजाय सड़कों और गलियों से पुरानी गंदगी समेटने में जुटना पड़ रहा है।

महापौर का बयान

स्थानीय नागरिकों की शिकायतों और जमीनी स्थिति पर महापौर मालती राय ने कहा कि शहर की साफ-सफाई के लिए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में बेहतर से बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि हड़ताल समाप्त होने के तत्काल बाद से ही हमारे सफाई मित्र पूरी कर्तव्यनिष्ठा और परिश्रम के साथ व्यवस्था को पटری पर लाने में जुटे हैं, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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