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भोपाल / पर्यावरण एवं समाज डेस्क
भोपाल में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल: बाग मुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी के रहवासी पिछले 8 साल से निभा रहे हैं परंपरा, पेड़ों की आरती उतारकर मना रहे दीपावली
भोपाल: जहां एक ओर दीपावली के पावन पर्व पर लोग अपने घरों, प्रतिष्ठानों और मंदिरों में दीये जलाकर उजाला करते हैं, वहीं राजधानी भोपाल की बाग मुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी के रहवासियों ने प्रकृति के प्रति आभार जताने का एक बेहद अनूठा और प्रेरणादायक तरीका अपनाया है। इस कॉलोनी के लोग पिछले 8 वर्षों से लगातार दीपावली के अवसर पर घरों के बजाय जीवनदायी पेड़ों की आरती उतारकर और उनके इर्द-गिर्द दीप प्रज्वलित कर यह पर्व मना रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण का यह संदेश अब आसपास की अन्य कॉलोनियों के लिए भी एक मिसाल बनता जा रहा है।
प्रमुख बिंदु (Highlights)
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पिछले 8 साल से चली आ रही अनूठी परंपरा: बाग मुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी के रहवासी पिछले आठ सालों से दीपावली के पावन पर्व पर पेड़ों की पूजा और आरती करने की परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। इस आयोजन में कॉलोनी के बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं।
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प्रकृति और आक्सीजन के प्रति आभार: इस अनूठे आयोजन का मुख्य उद्देश्य पेड़ों की जीवनदायिनी भूमिका और उनके जरिए मिलने वाली आक्सीजन के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना है। रहवासियों का मानना है कि पर्यावरण संतुलन और जीवन की रक्षा में वृक्षों का योगदान सबसे अहम है।
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शनिवार को हुआ आयोजन: कॉलोनी विकास समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने जानकारी दी कि पेड़ हमारे जीवन की मूल आधारशिला हैं, जो हमें जीने के लिए प्राणवायु (ऑक्सीजन) प्रदान करते हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए दीपावली से ठीक एक दिन पहले शनिवार को कॉलोनी के पार्कों और सड़कों के किनारे लगे पेड़ों की पूजा कर उनमें दीप सजाए गए।




