एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / प्रशासनिक डेस्क
भोपाल जिले की तहसीलों में भारी पेंडेंसी: कोलार और बैरसिया में अटके हजारों राजस्व मामले; नामांतरण और सीमांकन के लिए भटक रहे आम लोग
भोपाल: राजधानी भोपाल के विभिन्न तहसील कार्यालयों में राजस्व प्रकरणों के समय पर निराकरण न होने के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जिले की विभिन्न तहसीलों में वर्तमान में कुल 7479 राजस्व प्रकरण लंबित पड़े हैं, जिनमें अकेले नामांतरण के 1300 आवेदन शामिल हैं। समय-सीमा में मामले न सुलझने के कारण किसानों, ग्रामीण इलाकों के रहवासियों और आम नागरिकों को तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
प्रमुख बिंदु (Highlights)
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कोलार और बैरसिया में सबसे ज्यादा पेंडेंसी: स्थिति यह है कि अकेले कोलार तहसील में इस साल के 3707 राजस्व प्रकरण लंबित हैं, जबकि बैरसिया में केवल सीमांकन के ही 529 मामले अटके हुए हैं। इसके अलावा हुजूर सहित अन्य तहसीलों में भी मामलों की संख्या काफी अधिक है।
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आम जनता की परेशानी: नियमों के मुताबिक राजस्व मामलों के निपटारे के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय है (जैसे अविवादित नामांतरण 30 दिन, विवादित नामांतरण 90 दिन और सीमांकन 30 कार्यदिवस में), लेकिन मैदानी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। महीनों चक्कर काटने के बाद भी कई बार तकनीकी कारणों से आवेदन निरस्त हो जाते हैं, जिससे लोगों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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प्रशासनिक निर्देश: बढ़ते लंबित मामलों को देखते हुए अपर कलेक्टर महेंद्र कवचे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी इन प्रकरणों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें। प्रशासन की ओर से इनकी नियमित समीक्षा की जा रही है और लापरवाह स्तर पर कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं।
राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए निर्धारित समय-सीमा
मध्य प्रदेश शासन के नियमों के अनुसार विभिन्न मामलों के निपटारे के लिए निम्नलिखित समय-सीमा तय की गई है:
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अविवादित नामांतरण: 30 दिन
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विवादित नामांतरण: 90 दिन
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सीमांकन: 30 कार्यदिवस
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डायवर्जन: 15 दिन




