भोपाल: स्नेह बुक सेंटर पर प्रशासन का छापा; NCERT के नाम पर फर्जीवाड़ा, ₹100 की किताब ₹300 में बेचने का खुलासा, 25 किताबें जब्त
भोपाल (29 मार्च 2026): कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर गठित विशेष दल ने एमपी नगर जोन-1 में बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम लक्ष्मीकांत खरे के नेतृत्व में टीम ने स्नेह बुक सेंटर का निरीक्षण किया, जहाँ ‘गोल्डन प्रकाशन’ की किताबों पर NCERT का नकली लोगो लगाकर उन्हें असली बताकर बेचा जा रहा था।
प्रमुख बिंदु (HighLights):
-
फर्जीवाड़ा: निजी पब्लिकेशन (गोल्डन) की किताबों पर NCERT का लोगो लगाकर धोखाधड़ी।
-
अत्यधिक दाम: ₹100 की किताब पर ₹300 तक का रेट अंकित कर अभिभावकों को लूटा जा रहा था।
-
जब्ती: पहली से 12वीं कक्षा तक की 25 संदिग्ध किताबें प्रशासन ने जब्त कीं।
-
सुरक्षा में चूक: दुकान पर आग से बचाव (Fire Safety) के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं मिले।
शिकायत पर हुई ‘गोपनीय’ जांच
एसडीएम लक्ष्मीकांत खरे को लिखित शिकायत मिली थी कि स्नेह बुक सेंटर के बाहर ‘गोल्डन प्रकाशन NCERT बेस्ड’ का स्टॉल लगाकर किताबों को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।
-
नकली लोगो का खेल: जांच में पाया गया कि रोहित सिंह नाम का युवक गोल्डन प्रकाशन की किताबें बेच रहा था, जिन पर अवैध रूप से NCERT का लोगो छापा गया था ताकि वे सरकारी और सस्ती लगें।
-
महंगी किताबें: NCERT की जो किताबें सस्ती आती हैं, उनकी जगह निजी पब्लिकेशन की इन किताबों की कीमत 100 रुपये से बढ़ाकर सीधा 300 रुपये कर दी गई थी।
जब्त की गई प्रमुख किताबें
प्रशासन ने विभिन्न कक्षाओं की कई किताबें जब्त की हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
-
प्राथमिक कक्षाएं (1-5): सारंगी, जॉयफुल मैथमेटिक्स, मृदंग वर्क बुक, मधुर हिंदी व्याकरण, मैथ्स ट्रिक्स।
-
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक (6-12): सोशल साइंस, संस्कृत, मैथमेटिक्स, इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिंदी।
अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी
जांच के दौरान टीम ने पाया कि दुकान में सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन हो रहा था। इतने बड़े बुक स्टोर में केवल दो अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) मिले, जो कि सुरक्षा की दृष्टि से बेहद कम हैं।
प्रशासनिक रुख
“स्नेह बुक डिपो पर NCERT की फर्जी किताबें और नकली लोगो मिला है। किताबों के दाम भी 100 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये किए गए थे। फिलहाल 25 किताबें जब्त कर प्रकरण बनाया गया है, जिसे अंतिम कार्रवाई के लिए कलेक्टर को पेश किया जाएगा।” > — लक्ष्मीकांत खरे, एसडीएम, एमपी नगर
निष्कर्ष: अभिभावकों के लिए सतर्क रहने का समय
भोपाल प्रशासन की यह कार्रवाई शहर के अन्य बुक स्टोर संचालकों के लिए भी एक कड़ा संदेश है। नए सत्र में किताबें खरीदते समय अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे किताब पर पब्लिशर का नाम और वास्तविक NCERT होलोग्राम जरूर चेक करें।




