राजधानी में भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड कारिडोर का काम अब एक और बड़े पड़ाव पर पहुंचने जा रहा है। भोपाल रेलवे स्टेशन की तरफ से दुर्गावती टीबीएम (टनल बोर …और पढ़ें
HighLights
- 10 मीटर पहले ही ‘कंपन’ भांप लेगी टीबीएम
- पुरानी इमारतों और सड़कों को नहीं होगा नुकसान
- आधुनिक तकनीक से बन रही है भोपाल मेट्रो टनल
भोपाल। राजधानी में भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड कारिडोर का काम अब एक और बड़े पड़ाव पर पहुंचने जा रहा है। भोपाल रेलवे स्टेशन की तरफ से दुर्गावती टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) सुरंग बनाने में जुटी हुई है। वहीं अब दूसरी टनल के लिए अहिल्याबाई टीबीएम को टनल में उतारा जा चुका है। हालांकि अभी टीबीएम के दूसरें और तीसरे पार्ट को असेंबल किया जा रहा है। लिहाजा जल्द ही दुर्गावती के साथ अब अहिल्याबाई टीबीएम भी दूसरी टनल बनाने का काम शुरू करेगी।
ज्ञात हो कि शहर की पहली 3.39 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल का निर्माण कार्य 30 मार्च से जारी है। 24 मीटर नीचे दुर्गावती टीबीएम संभलकर आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ अहिल्याबाई टीबीएम भी टनल की खोदाई करने के लिए तैयार हो रही है। मेट्रो प्रबंधन का दावा है कि विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा यह सुरंग बनाने का काम अगले तीन महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
टनल में उतरे अहिल्याबाई टीबीएम के सभी पार्ट
भोपाल रेलवे स्टेशन पर अहिल्याबाई टीबीएम के सभी पार्ट टनल में उतारे जा चुके हैं । पहले पार्ट के साथ दूसरे और तीसरे पार्ट को असेंबल किया जा रहा है। बुस्टिंग का पार्ट तब लगाया जाएगा। जब खोदाई करने के लिए मेट्रो प्रबंधन की तरफ से हरी झंडी मिल जाएगी। यह काम उत्तर भारत के तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में किया जा रहा है। कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम और भू-तकनीकी इंजीनियरिंग की मदद से इस पूरे आपरेशन की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है।
10 मीटर पहले ही भांप लेगी कंपन
मेट्रो प्रबंधन के अफसरों का कहना है कि यह टीबीएम पूरी तरह आधुनिक है। यह मशीन खोदाई के दौरान होने वाले किसी भी तरह के कंपन को 10 मीटर पहले ही भांप लेगी। इससे ऊपर बनी पुरानी इमारतों या सड़क पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सुरक्षा प्रोटोकाल की निगरानी के लिए अलग-अलग विषय विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है।
अहिल्याबाई टीबीएम के इंस्टालेशन का काम चल रहा है। टनल में टीबीएम के तीनों पार्ट उतारे जा चुके हैं। सप्ताह भर में दूसरी टीबीएम खोदाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगी।- एस.कृष्ण चैतन्य, एमडी, एमपी मेट्रो




