एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय में बड़ी लापरवाही: 300 सीटर पीजी हॉस्टल की योजना डेढ़ साल से कागजों में अटकी, छात्रों को रहना पड़ रहा है किराए पर
भोपाल: राजधानी के प्रतिष्ठित पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय में पढ़ने वाले स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों के लिए बनने वाले 300 सीटर आधुनिक हॉस्टल की योजना पिछले डेढ़ साल से प्रशासनिक सुस्ती और लालफीताशाही के चलते कागजों में ही अटकी हुई है। वर्ष 2025 की साधारण सभा में मंजूर हुई इस महत्वूपर्ण परियोजना की अब तक नींव भी नहीं रखी जा सकी है, जिसके कारण छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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हॉस्टल योजना डेढ़ साल से लंबित: महाविद्यालय में 150-150 सीटों के अलग-अलग पीजी बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाने हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि पुराने हॉस्टल में केवल 60 छात्रों के रहने की ही व्यवस्था है, जबकि कॉलेज में पीजी की कुल सीटें 150 हैं। जगह के अभाव में अधिकांश छात्रों को कॉलेज के बाहर महंगे किराए के कमरों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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25 करोड़ की है पूरी परियोजना: इस बहुउद्देशीय प्रोजेक्ट में 300 सीटर हॉस्टल के अलावा एक नया फार्मेसी भवन और इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी शामिल है। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 25 करोड़ रुपये है।
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कहां अटका है मामला? सूत्रों के अनुसार, हॉस्टल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) से फाइनल एस्टीमेट का इंतजार किया जा रहा है, जबकि भूमि आवंटन से जुड़ी फाइल अभी भी मंत्रालय स्तर पर लंबित है। इस प्रशासनिक देरी के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
फार्मेसी भवन तैयार, पर उपकरणों का इंतजार
प्रोजेक्ट के तहत फार्मेसी भवन का सिविल निर्माण कार्य तो पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक वहां जरूरी वैज्ञानिक और शैक्षणिक उपकरण नहीं पहुंच पाए हैं। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, इन उपकरणों की खरीदी मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड (MPPHSCL) के माध्यम से की जानी है, जिनके आने के बाद ही भवन का सुचारू संचालन शुरू हो सकेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि परिसर में इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य फिलहाल तेजी से जारी है।
कॉलेज प्रबंधन का पक्ष
इस मामले पर महाविद्यालय के डीन डॉ. उमेश शुक्ला का कहना है कि हॉस्टल के लिए प्रस्ताव शासन स्तर पर स्वीकृत हो चुका है और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाएं गतिमान हैं। भूमि आवंटन व अन्य औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य धरातل पर शुरू कर दिया जाएगा। वहीं फार्मेसी भवन और इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के कार्यों को भी जल्द से जल्द पूर्ण कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।




