एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
फर्जी पासपोर्ट और आधार रैकेट: सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश; कच्छ बॉर्डर और बौद्ध विहार पतों के कनेक्शन के बाद STF के राडार पर 15 सरकारी कर्मचारी और पुलिसकर्मी
भोपाल/ग्वालियर: मध्य प्रदेश के रास्ते जाली दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने वाले सिंडिकेट की जड़ें बेहद गहरी पाई गई हैं। इस बहुचर्चित मामले की जांच कर रही राज्य स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। नागपुर से पकड़े गए एक बांग्लादेशी का पासपोर्ट पाकिस्तान बॉर्डर से सटे गुजरात के कच्छ जिले के पते पर बनने की बात सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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कच्छ और डबरा का सनसनीखेज कनेक्शन: एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से नागपुर से पकड़े गए जाय चौधरी बरूआ का पासपोर्ट गुजरात के कच्छ जिले के मथल गांव (पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक) के पते पर बना मिला है। वहीं, महाराष्ट्र के उल्लासनगर से पकड़े गए प्रियान राय का पासपोर्ट ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध विहार के पते पर जारी हुआ था।
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सत्यापन करने वाले 15 कर्मचारी निशाने पर: इस पूरे फर्जीवाड़े में अब सरकारी विभागों का वह तंत्र भी जांच के घेरे में आ गया है, जिसने बिना पुख्ता भौतिक सत्यापन के दस्तावेजों को हरी झंडी दी थी। एसटीएफ ने पुलिसकर्मियों और पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारियों समेत 15 लोगों की सूची तैयार की है। इसमें ग्वालियर के डबरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विनायक शुक्ला और एचसीएम भूपेंद्र गुर्जर का नाम भी शामिल है।
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फर्जी पासपोर्टों का आंकड़ा 200 तक पहुंचने की आशंका: एसटीएफ की शुरुआती जांच में अब तक 70 फर्जी पासपोर्ट की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक अन्य संदिग्ध पासपोर्ट जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि यह आंकड़ा बढ़कर 200 तक पहुंच सकता है।
विभिन्न जिलों में फैले फर्जीवाड़े के तार
जांच में सामने आया है कि असम के कामरूप जिले के रहने वाले मास्टरमाइंड रियाल चौधरी ने इन सभी के फर्जी आधार कार्ड बनवाए थे। भोपाल के अन्ना नगर स्थित बौद्ध मठ के पते पर 40, डबरा के बौद्ध विहार के पते पर 17, इसके अलावा बैतूल से 11, तथा छिंदवाड़ा और पांढुर्णा से 1-1 फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने के मामले सामने आ चुके हैं।
एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार, कच्छ बॉर्डर कनेक्शन की गहराई से जांच के लिए वहां भी एक विशेष टीम भेजी जा रही है। साथ ही, जिन-जिन जिलों में बौद्ध विहार या आंबेडकर पार्क के पते पर बाहर से आए लोगों के पासपोर्ट बने हैं, उन सभी दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है।




