तेलंगाना से विधायक रहे हिंदूवादी नेता टी. राजा सिंह के भोपाल में प्रस्तावित दौरे से पहले इंटरनेट मीडिया पर उन्हें कुछ लोगों ने जान से मारने की धमकी दी …और पढ़ें

टी. राजा सिंह। फोटो- इंटरनेट मीडिया।
HighLights
- टी. राजा सिंह के भोपाल दौरे से पहले सोशल मीडिया पर दी गई जान से मारने की धमकी
- इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक वीडियो, टिप्पणियां पोस्ट करने के आरोप में दो युवकों पर केस दर्ज
- शिकायत के बाद पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों की भूमिका खंगाल रही है
भोपाल। तेलंगाना के हिंदूवादी नेता और पूर्व विधायक टी. राजा सिंह के प्रस्तावित भोपाल दौरे से पहले इंटरनेट मीडिया पर उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर भोपाल पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर वीडियो और आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट कर टी. राजा सिंह के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी।
मामले में तलैया थाना पुलिस ने अराज और मोहम्मद आमिर खान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।
सोशल मीडिया पोस्ट बनी कार्रवाई का आधार
अरेरा हिल्स क्षेत्र के भीमनगर निवासी आदर्श इनवाते ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि इंस्टाग्राम की दो अलग-अलग आईडी से ऐसे वीडियो और टिप्पणियां पोस्ट की गईं, जिनमें धमकी भरे संदेश, अभद्र भाषा और हिंसा को बढ़ावा देने वाले कथन शामिल थे।
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि इस प्रकार की सामग्री सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है।
भोपाल दौरे को लेकर पहले भी रहा विवाद
उल्लेखनीय है कि टी. राजा सिंह की 31 मई को भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र में प्रस्तावित धर्मसभा और महाकाल त्रिशूल यात्रा को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी।
आयोजन की अनुमति के लिए आयोजक मध्य प्रदेश हाई कोर्ट भी पहुंचे थे, लेकिन सुनवाई में विलंब होने के कारण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा।
पुलिस कर रही जांच
प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला कि एक आरोपित ने टी. राजा सिंह के भोपाल आगमन पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। वहीं दूसरे आरोपित ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।
पुलिस अब सोशल मीडिया अकाउंट, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।




