Bhopal Breaking news Latest News MP Polictics

भोपाल के 829 कॉलोनियों के रहवासियों को झटका, हर घर नल कनेक्शन योजना की 874 करोड़ की फाइल लौटी

भोपाल में हर घर नल कनेक्शन की योजना अटकी, 874 करोड़ का प्रस्ताव खारिज; अब विकल्प की तलाश

Publisher: Agrasar India

Publish Date: Mon, 13 Jul 2026 | 12:15 PM (IST)

Highlights

  • बड़ा झटका: 874 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जल प्रदाय योजना को विभाग से नहीं मिली मंजूरी।

  • यथास्थिति: भोपाल की 829 कॉलोनियों में फिलहाल पुरानी बल्क जलापूर्ति व्यवस्था ही रहेगी जारी।

  • नया प्लान: शासन से वित्तीय मदद न मिलने के बाद अब निजी एजेंसी के जरिए रास्ता तलाश रहा नगर निगम।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी की 829 कॉलोनियों के रहवासियों के लिए एक मायूस करने वाली खबर है। हर घर तक नगर निगम का सीधा और निजी नल कनेक्शन पहुंचाने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगर निगम द्वारा भेजे गए 874 करोड़ रुपये के भारी-भरकम प्रस्ताव को मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया है।

विभाग का कहना है कि इस योजना के लिए जरूरी वित्तीय संसाधनों का बंदोबस्त नगर निगम को खुद अपने स्तर पर करना होगा। इस फैसले के बाद अब निगम प्रशासन बैकफुट पर है और पीपीपी मोड (निजी एजेंसी) के माध्यम से योजना को अमलीजामा पहनाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।

अफसरों की लापरवाही पर सांसद-महापौर नाराज

बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले महापौर परिषद (MIC) से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रस्ताव को शासन के पास भेजा गया था। विभाग ने वित्तीय स्वीकृति न देते हुए इसे वापस लौटा दिया। हालांकि, अधिकारियों ने प्रस्ताव खारिज होने की जानकारी लंबे समय तक दबाए रखी। जब इसका खुलासा हुआ, तो सांसद आलोक अग्रवाल और महापौर मालती राय ने अफसरों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह योजना चुनावी घोषणा पत्र का एक बेहद अहम वादा थी, जिससे जनता की उम्मीदें जुड़ी हैं।

क्या है मौजूदा व्यवस्था बनाम नई योजना?

व्यवस्था का प्रकार वर्तमान स्थिति प्रस्तावित नई योजना
जलापूर्ति की सीमा नगर निगम केवल कॉलोनी के मुख्य प्रवेश द्वार (बल्क कनेक्शन) तक पानी पहुंचाता है। हर घर की दहलीज तक नगर निगम की पाइपलाइन पहुंचाई जानी थी।
आंतरिक संचालन कॉलोनी के अंदर पाइपलाइन बिछाने और मेंटेनेंस का काम कॉलोनाइजर या रहवासी समिति (RWA) करती है। आंतरिक नेटवर्क और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी सीधे नगर निगम की होती।
बिलिंग व्यवस्था पूरी कॉलोनी का एकमुश्त (बल्क) बिल आता है, जिसे आपस में बांटना पड़ता है। हर उपभोक्ता को व्यक्तिगत रूप से अलग जल कनेक्शन और सीधा बिल मिलता।

रहवासियों को करना होगा और लंबा इंतजार

शासन से बजट की हरी झंडी न मिलने के कारण अब इन 829 कॉलोनियों के लाखों रहवासियों को निजी नल कनेक्शन के लिए लंबा इंतजार करना होगा। फिलहाल पुरानी बल्क सप्लाई व्यवस्था ही लागू रहेगी। अब देखना यह होगा कि नगर निगम निजी एजेंसियों को इस प्रोजेक्ट में शामिल करने में कितना समय लेता है और इसके बाद उपभोक्ताओं पर जल कर (Water Tax) का कितना बोझ बढ़ता है।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply