Bhopal News: भोपाल के रिहाइशी इलाकों में अवैध दुकानों और शोरूम पर नगर निगम का सबसे बड़ा एक्शन; 30 हजार प्रतिष्ठानों को नोटिस देने की तैयारी
Publisher: Agrasar India | News Desk
स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
तारीख: 25 जुलाई 2026
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रिहाइशी (आवासीय) इलाकों में सालों से नियम विरुद्ध और गैर-कानूनी तरीके से संचालित हो रही दुकानों, दफ्तरों, बैंकों और बड़े-बड़े शोरूमों पर नगर निगम अब तक का सबसे बड़ा बुलडोजर/सीलिंग एक्शन लेने जा रहा है।
प्रारंभिक चरण में नगर निगम ने अरेरा कॉलोनी, बावड़िया कला और रोहित नगर जैसे पॉश इलाकों के 429 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस थमा दिए हैं। नोटिस मिलते ही अवैध रूप से चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया है तथा कई स्थानों पर अवैध गतिविधियां बंद होना शुरू हो गई हैं।
27 जुलाई तक का अल्टीमेटम: जमा करने होंगे दस्तावेज या होगा सील
मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम 2012 तथा नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत जारी किए गए इन कारण बताओ नोटिसों की म्याद 27 जुलाई 2026 को समाप्त हो रही है।
नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा तक भवन मालिकों ने आवासीय संपत्ति को कमर्शियल में बदलने के वैध दस्तावेज (डायवर्जन/लैंड यूज चेंज अनुमति) जमा नहीं किए या व्यावसायिक गतिविधियां खुद बंद नहीं कीं, तो 28 जुलाई से नगर निगम पुलिस बल के साथ भवनों को खाली कराकर तुरंत सील (Seal) करने की कार्रवाई करेगा।
कमर्शियल हब में तब्दील हो चुके हैं ये प्रमुख आवासीय क्षेत्र
शहर के कई शांत आवासीय क्षेत्र वर्तमान में पूरी तरह से कमर्शियल हब बन चुके हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को ट्रैफिक जाम, पार्किंग संकट और शोर-शराबे का सामना करना पड़ता है। निगम की रडार पर प्रमुख क्षेत्र:
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अरेरा कॉलोनी, बावड़िया कला और रोहित नगर
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अशोका गार्डन, इंद्रपुरी एवं पिपलानी
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कोलार रोड, 10 नंबर मार्केट क्षेत्र और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़)
नगर निगम का अनुमान है कि पूरे शहर के रिहाइशी इलाकों में लगभग 30 हजार से अधिक अवैध दुकानें, शोरूम, क्लिनिक और कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
30 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होना है शपथ पत्र
नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई के पीछे सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) का सख्त रुख है:
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6 दिन की डेडलाइन: नगर निगम प्रशासन के पास पूरी कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट तैयार करने के लिए अब केवल कुछ ही दिनों का समय बचा है।
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30 जुलाई को हलफनामा: भोपाल नगर निगम को 30 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र (Affidavit) दाखिल कर यह रिपोर्ट देनी है कि आवासीय क्षेत्रों से अवैध व्यावसायिक गतिविधियां हटा दी गई हैं।
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4 अगस्त को मुख्य सुनवाई: इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 4 अगस्त 2026 को मुख्य सुनवाई तय है, जिसके चलते नगर निगम किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।




