एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल का नया ग्रोथ इंजन: 11 मील-मिसरोद और नर्मदापुरम रोड बन रहा नया अर्बन हब, मेगा प्रोजेक्ट्स से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
भोपाल: राजधानी भोपाल का दायरा अब पुराने भोपाल, एमपी नगर और कोलार से आगे बढ़कर एक नए और आधुनिक स्वरूप में ढल रहा है। शहर की विकास यात्रा अब 11 मील-मिसरोद और नर्मदापुरम रोड के आसपास के क्षेत्र में केंद्रित हो गई है। बुनियादी ढांचे (Infrastructure), बेहतरीन कनेक्टिविटी और हजारों आवासीय योजनाओं के चलते यह बेल्ट भविष्य के एक प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय केंद्र के रूप में तेजी से उभर रही है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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पश्चिमी बायपास (35.6 किमी): 11 मील जंक्शन (रतनपुर) से फंदा तक बनने वाला 35.6 किलोमीटर लंबा फोरलेन पश्चिमी बायपास इस क्षेत्र की कायापलट कर देगा। कोलार और रातीबड़ से गुजरने वाले इस बायपास में सर्विस रोड, अंडरपास, फ्लाईओवर और आरओबी (ROB) शामिल हैं, जिससे 11 मील क्षेत्र की कनेक्टिविटी पश्चिमी भोपाल और हाईवे से मजबूत होगी।
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डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर: नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी से मिसरोद थाने तक 5.5 किलोमीटर लंबा डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। नागपुर की तर्ज पर बनने वाले इस फ्लाईओवर की चौड़ाई करीब 15 मीटर होगी और इस पर 385 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी।
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हजारों नए आवास और टाउनशिप:
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दीपड़ी प्रोजेक्ट: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपीपी मोड पर 120 करोड़ रुपये की लागत से 1,000 आवासीय इकाइयां विकसित की जा रही हैं।
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दानापानी योजना: दानापानी सब्जी फार्म के पास सरकारी जमीन पर 21,255 बहुमंजिला आवासीय इकाइयों की विशाल योजना प्रस्तावित है, जिस पर लगभग 2,866 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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रोजगार, उद्योग और पर्यटन का संगम
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औद्योगिक केंद्रों की नजदीकी: इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत इसकी बगरोदा और मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्रों से नजदीकी है। यहां आवासीय विकास बढ़ने से उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को रहने के लिए बेहतरीन ठिकाना मिलेगा।
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धार्मिक और पर्यटन सर्किट: ऐतिहासिक भोजपुर मंदिर, आशापुरी मंदिर श्रृंखला और भोपाल नवाब की चिकलोद कोठी जैसे स्थल इस क्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन के नक्शे पर एक मजबूत पहचान दिलाते हैं।
एक्सपर्ट व्यू (विशेषज्ञ की राय)
टाउन एंड कंट्री प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ का मानना है कि इस क्षेत्र में हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और आवासीय विकास भोपाल को एक नए अर्बन हब के रूप में स्थापित कर रहा है। हालांकि, मास्टर प्लान में इस क्षेत्र की जमीन अभी एग्रीकल्चर लैंड के रूप में दर्ज है, और नया मास्टर प्लान लागू होने के बाद इस विकास को और अधिक गति मिलेगी। रोजगार, परिवहन और पर्यटन को एक साथ जोड़कर इसे एक व्यापक आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।




