एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल मास्टर Plan पर सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान: बोले- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आगे बढ़ेगी सरकार; कांग्रेस की राजनीति पर भी साधा निशाना
भोपाल: राजधानी भोपाल और प्रदेश के अन्य शहरों के मास्टर प्लान को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जिन शहरों में मास्टर प्लान नहीं आए हैं, वहां विभागीय स्तर पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की जा रही है और नगरीय विकास एवं आवास विभाग को इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही, इस संवेदनशील मामले को सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाकर अदालत के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही आगामी कदम उठाए जाएंगे।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा पक्ष: सरकार भोपाल की आवश्यकताओं और भौगोलिक-शहरी विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है।
-
कांग्रेस की पदयात्रा की घोषणा पर पलटवार: कांग्रेस द्वारा तीन महीने में मास्टर प्लान न आने पर इंदौर से भोपाल तक 50 हजार लोगों के साथ पदयात्रा निकालने की चेतावनी पर सीएम मोहन यादव ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील मुद्दे पर केवल राजनीति कर रही है, जबकि उनके कार्यकाल के दौरान भी इस दिशा में कुछ नहीं किया गया था।
-
जल्दबाजी से बचना चाहती है सरकार: पिछली बार सीलिंग के मुद्दे पर गठित उच्च स्तरीय समिति पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद सरकार कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहती जिससे कानूनी अड़चनें पैदा हों। प्रशासन व्यापारियों और रहवासियों दोनों के हितों को साधते हुए बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रहा है।
सीलिंग कार्रवाई और रहवासी-व्यापारी आमने-सामने
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भोपाल सहित विभिन्न शहरों के रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर की गई सीलिंग की कार्रवाई के बाद से व्यापारी वर्ग और रहवासी लगातार सड़कों पर हैं। एक तरफ जहां व्यापारी वर्ग में असंतोष है, वहीं रहवासी भी ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार पूरी संवेदनशीलता और कानूनी दायरे में रहकर शहर के सुव्यवस्थित विकास का समाधान तलाशने में जुटी है।




