एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / राज्य डेस्क
भोपाल के शाहजहांनी पार्क में कोटवारों का जोरदार प्रदर्शन: 35 हजार कोटवारों को घटिया वर्दी देने का आरोप; ठेकेदारी व्यवस्था बंद कर खाते में राशि देने की मांग
भोपाल: प्रदेश के 35 हजार से अधिक कोटवारों ने राजस्व विभाग की वर्तमान वर्दी वितरण व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को ‘आजाद कोटवार संघ’ के बैनर तले प्रदेशभर से राजधानी भोपाल पहुंचे कोटवारों ने शाहजहांनी पार्क में विशाल प्रदर्शन किया। संघ ने ठेकेदारों के माध्यम से बांटी जा रही वर्दी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए खरीदी में करोड़ों रुपये के खेल का आरोप लगाया है।
प्रमुख बिंदु (Highlights)
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घटिया वर्दी और करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप: आजाद कोटवार संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरवीर सिंह यादव ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा वर्दी खरीदी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन मैदानी स्तर पर कोटवारों को बेहद घटिया गुणवत्ता की वर्दी दी जा रही है। संघ ने पूरी खरीदी प्रक्रिया को सार्वजनिक करने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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ठेकेदारी प्रथा बंद करने की मांग: प्रदर्शनकारियों ने बताया कि तीन साल पहले तक वर्दी खरीदने के लिए सीधे खाते में राशि दी जाती थी, लेकिन अब ठेकेदारों के जरिए वर्दी उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। संघ ने इस व्यवस्था को समाप्त कर पूर्व की तरह राशि सीधे बैंक खाते में भेजने की मांग की है।
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सेवा भूमि और नियमितीकरण के मुद्दे: वर्दी के अलावा कोटवारों ने अपनी अन्य प्रमुख मांगें भी दोहराईं, जिनमें सेवा भूमि का मालिकाना हक देने के लिए स्थायी पट्टे जारी करना, नियमितीकरण, पदोन्नति और मानदेय में वृद्धि शामिल हैं।
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ज्ञापन और आंदोलन की चेतावनी: प्रदर्शन के दौरान जब कोई प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, तो बाद में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी राजेंद्र नायक को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो उनका यह आंदोलन और अधिक उग्र होगा।




