एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / अपराध एवं बैंकिंग डेस्क
मध्य प्रदेश में जाली नोटों का बड़ा खुलासा: आरबीआई की करेंसी छंटाई में मिले 100-100 रुपये के 22 नकली नोट; बैंक ऑफ इंडिया के धार चेस्ट से पहुंचा था मामला, भोपाल के एमपी नगर थाने में FIR दर्ज
भोपाल: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की करेंसी जांच और छंटाई के दौरान मध्य प्रदेश में एक बार फिर जाली नोटों का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक ऑफ इंडिया के धार स्थित करेंसी चेस्ट से भोपाल भेजी गई नोटों की खेप की जब आरबीआई के निर्गम विभाग द्वारा तकनीकी जांच की गई, तो उसमें 100-100 रुपये के कुल 22 जाली नोट बरामद हुए। इस खुलासे के बाद बैंकिंग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आरबीआई के अधिकारियों की औपचारिक शिकायत के आधार पर राजधानी के एमपी नगर पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और नकली नोटों के इस पूरे नेटवर्क के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
सीवीपीएस (CVPS) मशीन से हुआ नकली नोटों का खुलासा
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रबंधक गौरव सोहगौरा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शुक्रवार को भोपाल के एमपी नगर थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए जाली नोटों की विस्तृत सूची और उससे संबंधित तमाम दस्तावेज पुलिस को सौंपे। आरबीआई द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला सितंबर 2026 के दौरान का है, जब विभिन्न बैंकों के करेंसी चेस्ट से प्राप्त अशुद्ध और पुरानी करेंसी की छंटाई का कार्य किया जा रहा था।
इन नोटों की प्रामाणिकता जांचने के लिए अत्याधुनिक करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रोसेसिंग सिस्टम (CVPS) मशीन का उपयोग किया गया। इसी हाई-टेक स्कैनिंग और छंटाई के दौरान मशीन ने इन 22 नोटों को संदिग्ध व जाली के रूप में चिह्नित किया। जब इनकी गहनता से जांच की गई तो वे पूरी तरह से काउंटरफीट (नकली) पाए गए। जब्त किए गए इन 22 जाली नोटों में से 21 नोट पुराने डिजाइन के हैं, जबकि एक नोट नए डिजाइन का शामिल है।
आरबीआई के कड़े नियमों के तहत दर्ज हुई एफआईआर
भारतीय रिजर्व बैंक के बेहद सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि किसी बैंक शाखा या करेंसी चेस्ट में एक ही बार के लेनदेन या छंटाई के दौरान 5 या उससे अधिक जाली नोट बरामद होते हैं, तो संबंधित बैंक या संस्थान के लिए स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक एफआईआर दर्ज कराना अनिवार्य होता है। इसी नियम का पालन करते हुए आरबीआई ने यह सख्त कदम उठाया है।
अब भोपाल की एमपी नगर थाना पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिर ये जाली नोट बैंक ऑफ इंडिया के धार स्थित करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे? इसके पीछे किस संगठित गिरोह या शातिर व्यक्ति का हाथ है, जिसने आम नागरिकों या छोटे लेन-देन के जरिए इन नकली नोटों को बैंकिंग प्रणाली में खपाने का प्रयास किया। पुलिस अब उन तमाम खातों और लेन-देन के रिकॉर्ड को खंगाल रही है, जिनके जरिए यह खेप धार चेस्ट तक पहुंची थी।




