एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / शासन एवं राजस्व डेस्क
भोपाल में ‘स्वामित्व योजना’ ने पकड़ी रफ्तार: सर्वर और ‘सारा’ ऐप की तकनीकी खामियां दूर होने से 899 पट्टों की रजिस्ट्री पूरी, 42 हजार पट्टे बांटने का है लक्ष्य
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘स्वामित्व योजना’ (Swamitva Yojana) के तहत ग्रामीण इलाकों में प्रॉपर्टी कार्ड और पट्टों की रजिस्ट्री का काम अब तेजी पकड़ने लगा है। शुरुआत में पटवारियों के विरोध और ‘सारा’ ऐप व सर्वर की तकनीकी समस्याओं के चलते यह प्रक्रिया काफी पिछड़ गई थी, लेकिन अब सर्वर ठीक होने से रजिस्ट्रियों का आंकड़ा तेजी से बढ़कर 899 पर पहुंच गया है। प्रशासन का लक्ष्य जिले के 432 गांवों में कुल 42 हजार से अधिक लोगों को पट्टे वितरित करने का है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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लक्ष्य और कार्यक्षेत्र: भोपाल जिले के कुल 432 गांवों में 42,000 लोगों को स्वामित्व योजना के तहत पट्टे और रजिस्ट्री दी जानी है। इस पूरी प्रक्रिया में कोलार, बैरसिया और हुजूर—तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं।
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तकनीकी बाधाओं से मिली राहत: योजना के आरंभ में पटवारियों द्वारा विरोध जताए जाने के बाद मामला सुलझ गया था, लेकिन इसके बाद ‘सारा’ ऐप और सर्वर की सुस्ती के कारण रजिस्ट्रियों का काम ठप सा पड़ गया था। अब ऐप और सर्वर में सुधार होने से काम ने गति पकड़ी है।
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पंजीयन कार्यालयों में राजस्व की बंपर कमाई: एक अन्य घटनाक्रम के तहत भोपाल के आईएसबीटी, परी बाजार और बैरसिया पंजीयन कार्यालयों में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के लिए जबरदस्त भीड़ देखी गई। एक ही दिन में 523 रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं, जिससे शासन को लगभग 13 करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व प्राप्त हुआ है।




