एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / राजनीतिक डेस्क
दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ पर NHRC का एक्शन: स्कूली बच्चों से नारेबाजी कराने के मामले में मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस, दो सप्ताह में मांगा जवाब
भोपाल: दशहरा के दिन मध्य प्रदेश के उज्जैन से अयोध्या के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा शुरू की गई ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ कानूनी पचड़े में फंस गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस यात्रा के दौरान स्कूली बच्चों से कथित रूप से राजनीतिक नारे लगवाने का संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब तलब किया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
मानवाधिकार आयोग का एक्शन: एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो की पीठ ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान और प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की है। आयोग ने कहा है कि यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश की सीमा में स्कूली बच्चों का राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया और उनसे नारे लगवाए गए।
-
सोशल मीडिया वीडियो और वित्तीय आशंका: आयोग के संज्ञान में यह बात भी आई है कि इस घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर साझा किए गए हैं। साथ ही, यह आशंका भी जताई गई है कि बच्चों को इस यात्रा में शामिल करने के लिए प्रलोभन या पैसे दिए गए होंगे, जो बाल अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
-
बाल अधिकारों के उल्लंघन का आरोप: शिकायतकर्ता द्वारा बाल अधिकारों से जुड़े कानूनी प्रावधानों के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद आयोग ने राज्य के प्रशासनिक प्रमुख (मुख्य सचिव) और पुलिस प्रमुख (डीजीपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर पूरे मामले पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।




