Bhopal Breaking news Latest News MP Polictics

2 लाख का कचरा वाहन 6 लाख में खरीदा, ACS बोले- ‘सबका हिसाब हमारे पास’, मंत्री ने कहा जांच होगी

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)

भोपाल / शासन एवं भ्रष्टाचार डेस्क

नगरीय निकायों में GeM पोर्टल खरीदी घोटाला: राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश, कचरा वाहनों और एलईडी लाइट्स की खरीद में खुलासे के बाद सख्त कार्रवाई की तैयारी

भोपाल: मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए की गई खरीद में सामने आए बड़े वित्तीय गोलमाल पर अब शासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा अनियमितताओं का पर्दाफाश किए जाने के बाद, अब नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने इस पूरे मामले में औपचारिक रूप से जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शुरुआती विश्लेषण में बाजार दरों की तुलना में करीब 250 करोड़ रुपये की फिजूलखर्ची और भारी मूल्य अंतर का मामला सामने आया है।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जांच निर्देश: नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने स्पष्ट किया है कि GeM पोर्टल के माध्यम से हुई खरीदी में उत्पादों की कीमतों के भारी अंतर और अनियमितताओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

  • कचरा वाहनों और डस्टबिन के नाम पर मनमानी: जांच में सामने आया है कि कहीं साधारण कचरा वाहन 2 लाख रुपये में खरीदा गया, तो उसी वाहन में चार सामान्य डस्टबिन जोड़कर उसकी कीमत बढ़ाकर 6 लाख रुपये तक दर्शा दी गई। इसके अलावा कई निकायों ने जरूरत न होने पर भी करोड़ों के वाहन खरीद डाले, जबकि उनके पास संचालन के लिए उतने वार्ड तक नहीं थे।

  • एलईडी लाइट्स और कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर: राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के अपर संचालक अंशुमन राज द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, तीन साल में 374 निकायों द्वारा की गई 1,134 करोड़ की कुल खरीदी में भारी विसंगतियां मिली हैं। उदाहरण के लिए, एक जैसी एलईडी लाइट कहीं 306 रुपये तो कहीं 11,800 रुपये की भारी कीमत पर खरीदी गई। औसत दरों पर खरीदी होती तो शासन के 250 करोड़ रुपये बच सकते थे।

  • प्रशासनिक शिकंजा: एसीएस संजय दुबे की चेतावनी के बाद अब राज्य मंत्री के जांच आदेश से लापरवाह और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों में हड़कंप मच गया है, और सभी खरीद दस्तावेजों की गहन पड़ताल शुरू कर दी गई है।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply