एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) राज्य ब्यूरो / भोपाल डेस्क
बाल विवाह के खिलाफ एमपी सरकार की बड़ी पहल: जिला से ग्राम स्तर तक के अधिकारियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
भोपाल: मध्य प्रदेश में बाल विवाह की कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने मैदानी स्तर पर प्रशासनिक कसावट तेज कर दी है। इसके तहत अब जिला से लेकर ग्राम और नगरीय निकाय स्तर तक तैनात बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों (CMPO) को कानून, मैदानी कार्रवाई और बाल संरक्षण की प्रक्रियाओं का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से प्रशासन अकादमी भोपाल में एक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई है, जिसकी अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया कर रही हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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अधिकारियों को मिलेगा कानूनी और मैदानी प्रशिक्षण: कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों, सख्त कानूनी कार्रवाई, मामलों की रिपोर्टिंग और प्रभावित बालिकाओं के पुनर्वास व संरक्षण की पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है।
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अन्य प्रमुख कानूनों की जानकारी: इस प्रशिक्षण में बाल विवाह के साथ-साथ किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act), पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रासंगिक प्रावधानों का भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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विभागीय समन्वय और पोर्टल की निगरानी: स्थानीय स्तर पर त्वरित हस्तक्षेप करने, विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने तथा ‘बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल’ की मॉनिटरिंग और प्रभावी रिपोर्टिंग के तौर-तरीके सिखाए जा रहे हैं।
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किशोरियों के अनुभव और व्यावहारिक मार्गदर्शिका: कार्यशाला के विशेष सत्र में किशोरियां अपने अनुभव साझा कर रही हैं, जिससे बाल विवाह के शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को गहराई से समझा जा सके। साथ ही, एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका (हैंडबुक) और नए प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन भी किया गया है।
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बाल विवाह के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: सरकार का यह कदम जमीनी स्तर पर बाल विवाह की रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाने और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा।




