एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में फायर सेफ्टी को लेकर सख्त हुए नियम: संपत्तियों पर लगेगा फायर टैक्स, हर साल 30 जून तक फायर ऑडिट रिपोर्ट देना अनिवार्य
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए ‘मध्य प्रदेश अग्निशमन व आपातकालीन सेवा सामान्य नियम-2026’ लागू कर दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। नए नियमों के तहत अब प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थाओं को बदला जा रहा है, जिसमें संपत्तियों पर फायर टैक्स लगाने से लेकर भवनों की सालाना फायर ऑडिट रिपोर्ट सौंपना अनिवार्य कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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हर साल 30 जून तक सौंपनी होगी फायर ऑडिट रिपोर्ट: नए नियमों के मुताबिक, सभी बहुमंजिला और तय श्रेणी के व्यावसायिक व आवासीय भवनों के मालिकों को हर साल 30 जून तक अपने भवन की फायर ऑडिट रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को सौंपनी होगी। समय पर रिपोर्ट न देने पर पहले कारण बताओ नोटिस और तीन माह का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, इसके बावजूद लापरवाही बरतने पर संबंधित भवन का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट निरस्त कर दिया जाएगा।
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तय सीमा से अधिक ऊंचाई वाले भवनों के लिए NOC अनिवार्य: व्यावसायिक और बड़े आवासीय परिसरों के लिए कड़े मापदंड तय किए गए हैं—
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आवासीय भवन: 24 मीटर से अधिक ऊंचाई और प्रति फ्लोर 750 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र होने पर एनओसी (NOC) जरूरी होगी।
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शैक्षणिक व संस्थागत भवन: 15 मीटर से अधिक ऊंचाई और प्रति फ्लोर 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र होने पर नियम लागू होगा।
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व्यावसायिक और असेंबली भवन: 15 मीटर से अधिक ऊंचाई और प्रति फ्लोर 750 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र होने पर एनओसी अनिवार्य होगी।
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औद्योगिक व खतरनाक श्रेणी के भवन: बिना किसी ऊंचाई सीमा के तय क्षेत्रफल से अधिक होने पर सर्टिफिकेट लेना ही होगा।
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