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फर्जी उम्र बताना अब नहीं चलेगा! Google ला रहा है ये नया सिस्टम

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

बच्चों के लिए इंटरनेट होगा सुरक्षित: Google ने डेवलपर्स के लिए लॉन्च किया नया ‘एज वेरिफिकेशन’ सिस्टम

नई दिल्ली: सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा को लेकर दुनियाभर में बढ़ती चिंताओं के बीच, Google ने एक बड़ा कदम उठाया है। गूगल ने Android डेवलपर्स के लिए अपना नया ‘Age Assurance’ (उम्र सत्यापन) सिस्टम पेश करने की घोषणा की है। ‘प्ले सिग्नल एपीआई’ (Play Signal API) नामक इस नई टेक्नोलॉजी का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को उनकी आयु के अनुसार एक सुरक्षित और कस्टमाइज्ड डिजिटल अनुभव प्रदान करना है।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • नया सिस्टम: गूगल एंड्रॉइड डेवलपर्स के लिए एक नई उम्र सत्यापन प्रणाली (Age Verification System) ला रहा है।

  • गोपनीयता बरकरार: ‘प्ले सिग्नल एपीआई’ के माध्यम से डेवलपर्स को उम्र का संकेत मिलेगा, लेकिन यूजर का कोई भी निजी डेटा या जन्मतिथि साझा नहीं होगी।

  • पेरेंटल कंट्रोल: माता-पिता ‘फैमिली लिंक’ (Family Link) का उपयोग करके बच्चों के डिजिटल अनुभव और उम्र को नियंत्रित कर सकेंगे।

  • पारदर्शिता: उपयोगकर्ता या माता-पिता की स्पष्ट अनुमति के बिना किसी भी तरह की जानकारी ऐप्स के साथ साझा नहीं की जाएगी।

क्या है Play Signal API और यह कैसे करेगा काम?

गूगल द्वारा पेश किए गए Play Signal API की मदद से ऐप डेवलपर्स यह आसानी से पहचान सकेंगे कि उनके ऐप का इस्तेमाल करने वाला यूजर किस आयु वर्ग (जैसे— बच्चा, युवा या वयस्क) में आता है।

  • बिना जन्मतिथि के सत्यापन: इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ऐप डेवलपर्स को यूजर की जन्मतिथि, पहचान पत्र या कोई अन्य व्यक्तिगत डेटा नहीं मिलेगा। सिस्टम केवल उम्र की ‘स्टेज’ का संकेत देगा, जिससे डेवलपर्स आयु-उपयुक्त फीचर्स और कंटेंट डिजाइन कर सकेंगे।

  • ग्लोबल रोलआउट: फिलहाल इस फीचर को सिर्फ ब्राज़ील में रोलआउट किया गया है। लेकिन कंपनी की योजना के अनुसार, इस साल के अंत तक इसे चरणबद्ध तरीके से दुनिया के अधिकांश देशों में उपलब्ध करा दिया जाएगा।

‘फैमिली लिंक’ से पेरेंट्स को मिलेगा फुल कंट्रोल

Google ने इस नए सिस्टम में माता-पिता की भूमिका को मजबूत किया है। अगर किसी बच्चे का Google अकाउंट Family Link से जुड़ा है, तो:

  1. सेंट्रलाइज्ड सेटिंग: माता-पिता को हर ऐप में अलग-अलग जाकर उम्र सेट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फैमिली लिंक में एक बार उम्र अपडेट करने पर, एपीआई सपोर्ट करने वाले सभी ऐप्स उसी जानकारी का इस्तेमाल कर बच्चों को सुरक्षित कंटेंट दिखाएंगे।

  2. सहमति अनिवार्य (Consent): गूगल ने स्पष्ट किया है कि माता-पिता या यूजर्स की स्पष्ट अनुमति के बिना उम्र से जुड़ी कोई भी जानकारी थर्ड पार्टी डेवलपर्स के साथ शेयर नहीं की जाएगी। यदि कोई अभिभावक यह जानकारी दर्ज नहीं करता है, तो डेवलपर्स को आयु वर्ग का संकेत नहीं मिलेगा।

प्राइवेसी और सुरक्षा में संतुलन

आज दुनिया भर की सरकारें और रेगुलेटर्स (जैसे- हाल ही में Apple का ग्लोबली लॉन्च हुआ एज वेरिफिकेशन टूल) बच्चों को डिजिटल खतरों से बचाने के लिए कड़े नियम बना रहे हैं। गूगल की यह नई पहल इसी कड़ी का हिस्सा है, जो यह सुनिश्चित करती है कि बच्चों को इंटरनेट पर एक सुरक्षित माहौल मिले, और वह भी उनकी निजता (Privacy) से समझौता किए बिना।

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