एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन: दूध-उत्पादों के 4642 सैंपल लिए गए, 174 अमानक और घी के 25 ब्रांड असुरक्षित मिले; करोड़ों की सामग्री जब्त
भोपाल: मध्य प्रदेश में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने शिकंजा कस दिया है। प्रदेश भर में दूध और उससे जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए 20 जुलाई से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस ताबड़तोड़ अभियान के दौरान अब तक 4,642 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से शुरुआती जांच रिपोर्ट डराने वाली हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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अमानक और असुरक्षित सैंपल: अब तक हुई जांच रिपोर्ट के अनुसार, 174 सैंपल अमानक (Substandard) पाए गए हैं, जबकि मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक तत्वों की मौजूदगी के कारण घी के 25 ब्रांड्स के सैंपल असुरक्षित घोषित किए गए हैं। ‘असुरक्षित’ श्रेणी का मतलब है कि इनमें ऐसे हानिकारक पदार्थ मिलाए गए हैं जो मानव जीवन के लिए घातक साबित हो सकते हैं।
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करोड़ों की सामग्री जब्त: इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने मिलावट के संदेह में 5 करोड़ 61 लाख रुपये मूल्य की 11 लाख 73 हजार किलो खाद्य सामग्री को जब्त किया है। इसके अलावा, गंभीर अनियमिताओं को देखते हुए 18 निर्माताओं के रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) भी निरस्त कर दिए गए हैं।
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एनालॉग पनीर पर कार्रवाई: बाजार में धड़ल्ले से बिकने वाले ‘एनालॉग पनीर’ (नकली पनीर) पर प्रतिबंध के बाद प्रदेश भर में छापेमारी कर 10,835 किलो एनालॉग पनीर भी जब्त किया जा चुका है।
कोर्ट में चलेंगे प्रकरण, नागपुर और गुजरात को लिखा पत्र
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, कुल लिए गए सैंपलों में से 2,605 विधिक (Legal) श्रेणी के हैं, जबकि शेष सर्विलांस के तहत लिए गए हैं। जांच में जिन निर्माताओं और विक्रेताओं के सैंपल फेल (अमानक) पाए गए हैं, उनके खिलाफ सक्षम न्यायालय में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही, बस के माध्यम से नागपुर और गुजरात से राज्य में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध, मावा, केक और अन्य खाद्य उत्पादों के अवैध परिवहन के साक्ष्य मिले हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन मनोज पुष्प ने नागपुर के कलेक्टर को आधिकारिक पत्र लिखकर इस अंतर-राज्यीय अवैध परिवहन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।




