MP सरकार का ‘खनिज धमाका’: 5 साल में दोगुना हुआ रॉयल्टी राजस्व; मार्च में टूटा अब तक का रिकॉर्ड, ₹11,000 करोड़ की रिकॉर्ड कमाई
भोपाल (28 मार्च 2026): मध्य प्रदेश सरकार के लिए खनिज विभाग ‘कामधेनु’ साबित हो रहा है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के राजस्व में निरंतर और भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वित्त वर्ष में अकेले मार्च महीने (27 मार्च तक) में ही सरकार को ₹1,617 करोड़ की रॉयल्टी प्राप्त हुई है, जो इस साल का मासिक रिकॉर्ड है।
प्रमुख बिंदु (HighLights):
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राजस्व का शिखर: वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक ₹11,000 करोड़ का संग्रहण।
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ऐतिहासिक वृद्धि: महज 5 साल में राजस्व ₹5,185 करोड़ (2020-21) से बढ़कर दोगुने से अधिक हो गया।
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मार्च का कमाल: वित्त वर्ष के आखिरी महीने में अब तक का सर्वाधिक ₹1,617 करोड़ का राजस्व मिला।
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संभावनाएं शेष: वित्त वर्ष खत्म होने में अभी 3 दिन बाकी हैं, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
5 वर्षों का तुलनात्मक सफर (Revenue Growth)
यह तालिका दर्शाती है कि कैसे मध्य प्रदेश ने खनिज रॉयल्टी के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है:
| वित्तीय वर्ष | कुल राजस्व (करोड़ रुपये में) | वृद्धि का रुझान |
| 2020-21 | 5,185 | – |
| 2021-22 | 7,122 | तेजी से बढ़त |
| 2022-23 | 8,218 | निरंतर विकास |
| 2023-24 | 10,065 | ₹10k करोड़ का क्लब |
| 2024-25 | 10,290 | स्थिरता |
| 2025-26 (अब तक) | 11,000 | ऐतिहासिक रिकॉर्ड |
माहवार राजस्व विश्लेषण (2025-26)
इस वित्त वर्ष के दौरान राजस्व के उतार-चढ़ाव को देखें तो साल के अंत (Q4) में जबरदस्त तेजी देखी गई है:
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शुरुआती छमाही (अप्रैल-सितंबर): औसत ₹600-₹900 करोड़ के बीच रहा। जून (₹1,063 करोड़) में पहली बार ₹1000 करोड़ का आंकड़ा पार हुआ।
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अंतिम छमाही (अक्टूबर-मार्च): दिसंबर (₹1,235 करोड़) और मार्च (₹1,617 करोड़) में रिकॉर्ड तोड़ संग्रहण हुआ।
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फरवरी vs मार्च: फरवरी के ₹776 करोड़ के मुकाबले मार्च में राजस्व दोगुने से भी अधिक हो गया है।
निष्कर्ष: सुदृढ़ होती प्रदेश की अर्थव्यवस्था
खनिज रॉयल्टी में यह भारी उछाल प्रदेश में बढ़ती माइनिंग गतिविधियों और पारदर्शी नीतियों का परिणाम माना जा रहा है। बढ़ा हुआ राजस्व सीधे तौर पर प्रदेश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने में मददगार साबित होगा।




