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भोपाल / शिक्षा डेस्क
मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए अनूठी पहल: समय पर स्कूल पहुंच कर ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करने वाले शिक्षकों को मिलेगा डिजिटल प्रशस्ति पत्र; ‘हमारे शिक्षक एप’ से होंगे सम्मानित
भोपाल: मध्य प्रदेश में स्कूलों की व्यवस्था और शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्यभर के सरकारी स्कूलों में नियमित और समयबद्ध तरीके से पहुंचकर अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने वाले कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ‘डिजिटल प्रशस्ति पत्र’ (Digital Certificate of Appreciation) देकर सम्मानित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के संचालन के लिए विभाग ‘हमारे शिक्षक एप’ का उपयोग करेगा, जिसके माध्यम से शिक्षकों के कार्य निष्पादन पर नजर रखी जा रही है।
प्रमुख बिंदु (Highlights)
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‘हमारे शिक्षक एप’ से जारी होंगे प्रमाणपत्र: स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक इस एप के जरिए नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे तथा समय पर ऑनलाइन अवकाश आवेदन व अन्य विभागीय कार्यों का निष्पादन करेंगे, उन्हें इसी एप के माध्यम से डिजिटल प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
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शिक्षकों की कर्तव्यनिष्ठा और जवाबदेही बढ़ाना उद्देश्य: इस डिजिटल सम्मान योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को प्रोत्साहित करना और उनके भीतर डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जवाबदेही और कर्तव्यनिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ करना है।
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ई-अटेंडेंस एप के सकारात्मक परिणाम: लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान सचिव डॉ. संजय गोयल ने ‘हमारे शिक्षक’ ई-अटेंडेंस एप के जरिए आ रहे सकारात्मक सुधारों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति से स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर हो रहा है।
क्वालिटी एजुकेशन और अनुशासन पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति ही ‘क्वालिटी एजुकेशन’ (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) की मूल आधारशिला है। समय पर स्कूल पहुंचने से न केवल स्कूलों में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता है, बल्कि विद्यार्थियों के अंदर भी अनुशासन, समय की पाबंदी और शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
इस बैठक के दौरान लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह, अपर मिशन संचालक नंदा भलावे कुशरे, और संचालक डॉ. कामना आचार्य सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।




