एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / प्रशासनिक डेस्क
आठवें वेतन आयोग से पहले मप्र में कर्मचारी आयोग का दायरा बढ़ा: अब संवर्गों के पुनरीक्षण, रिक्त पदों और सेवा-शर्तों का भी आकलन करेगा आयोग; दीपावली के बाद कर्मचारी संगठनों से बैठकें
भोपाल: देश में आठवें वेतन आयोग के गठन और उसकी तैयारियों के सुगबुगाहट के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में सक्रिय ‘कर्मचारी आयोग’ के कार्यक्षेत्र और दायरे को काफी बढ़ा दिया है। अब यह आयोग केवल वेतन विसंगतियों के मामलों को सुलझाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न सरकारी संवर्गों की वास्तविक स्थिति, विभागों में रिक्त पड़े पदों और मैनपॉवर की आवश्यकता का भी गहन आकलन करेगा। नवनियुक्त आयोग अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मलय श्रीवास्तव ने अपना कार्यभार संभाल लिया है और प्रशासनिक कामकाज को गति दे दी है।
प्रमुख बिंदु (Highlights)
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मंत्रालय से लेकर फील्ड स्तर तक संवर्गों का पुनरीक्षण: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा आयोग को यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह मंत्रालय से लेकर मैदानी (फील्ड) कार्यालयों तक सभी विभागों की कार्यसंरचना का अध्ययन करे। इसके तहत यह देखा जाएगा कि वर्तमान कार्यभार के अनुसार किन संवर्गों के पुनरीक्षण (Cadre Review) की आवश्यकता है।
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विभिन्न विभागों में शुरू हुई नई भर्तियां: राज्य के स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, ऊर्जा और स्कूल शिक्षा समेत कई प्रमुख विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया अब तेजी से शुरू हो चुकी है। पदोन्नति (Promotion) का रास्ता साफ होने के बाद कई नए पदों का सृजन भी किया गया है। आयोग अब मानव संसाधन (Human Resource) की उपलब्धता और कार्यप्रणाली की समीक्षा कर सरकार को अपनी अनुशंसा भेजेगा।
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दीपावली के बाद कर्मचारी संगठनों से होगी चर्चा: आयोग के अध्यक्ष मलय श्रीवास्तव ने जानकारी दी है कि आयोग के अन्य सदस्यों के साथ कार्यभार संभाल लिया गया है तथा कार्यालय तैयार किया जा रहा है। दीपावली के ठीक बाद कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों का दौर शुरू होगा, जिसमें उनकी समस्याओं और विषयों को समझा जाएगा। इसके पश्चात विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा कर शासन को ठोस अनुशंसाएं सौंपी जाएंगी।




