एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / ऊर्जा एवं श्रम डेस्क
मध्य प्रदेश में दीपावली पर बिजली संकट के आसार: 45 हजार आउटसोर्स बिजलीकर्मियों ने 7 और 8 नवंबर को ‘काम बंद’ आंदोलन की दी चेतावनी
भोपाल: मध्य प्रदेश की छह प्रमुख बिजली कंपनियों में कार्यरत लगभग 45 हजार आउटसोर्स बिजलीकर्मियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। दीपावली के ठीक मौके पर 7 और 8 नवंबर को इन कर्मचारियों ने ‘काम बंद’ (स्ट्राइक) आंदोलन की चेतावनी दी है, जिससे त्योहार के दिनों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। मध्य प्रदेश बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव और विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के उपाध्यक्ष नरेंद्र भदौरिया की ओर से बिजली कंपनियों को औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 22(1) के तहत औपचारिक नोटिस दे दिया गया है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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दीपावली पर काम बंद आंदोलन: प्रदेश के 45 हजार आउटसोर्स बिजलीकर्मी आगामी 7 और 8 नवंबर को कार्य बहिष्कार करेंगे, जिससे बिजली रखरखाव और फॉल्ट सुधारने का काम प्रभावित हो सकता है।
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20 वर्षों से त्योहारों का पारिश्रमिक न मिलने का आरोप: कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि उन्हें पिछले 20 वर्षों से दीपावली और अन्य राष्ट्रीय पर्वों पर ड्यूटी करने के बावजूद कोई अतिरिक्त पारिश्रमिक (Overtime/Festival Allowance) नहीं दिया गया है।
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प्रमुख मांगें:
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बिजली कंपनियों में ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना।
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आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण (Regularization)।
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न्यूनतम वेतन में सुधार और जोखिम भत्ता (Risk Allowance) देना।
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चिकित्सा अवकाश (Medical Leave) का लाभ और दुर्घटना में मृत कर्मचारियों के आश्रितों को 10 लाख रुपये का मुआवजा।
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