सहकारिता विभाग की पदोन्नति परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और …और पढ़ें

सहकारिता विभाग में विभागीय पदोन्नति परीक्षा को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप। (एआई जनरेटेड)
HighLights
- पदोन्नति परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर आरोप लगे।
- कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
- कई अभ्यर्थियों को 100 में 99 अंक मिलने पर सवाल।
भोपाल। मध्यप्रदेश के सहकारिता विभाग में विभागीय पदोन्नति परीक्षा को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने प्रमुख सचिव, सहकारिता विभाग को शिकायत करते हुए परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने, गोपनीय प्रक्रिया में गड़बड़ी और नियम विरुद्ध पदोन्नति दिलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की विभागीय स्तर पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है ।
कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने लगाए आरोप
कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने सहकारिता के प्रमुख सचिव को दिए ज्ञापन में आरोप लगाए हैं कि विभाग में 100 से अधिक बाबुओं को विभागीय परीक्षा के माध्यम से सहकारिता निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया। परीक्षा का प्रश्नपत्र एपेक्स बैंक में पदस्थ सहायक आयुक्त से तैयार कराया था। उसका स्तर आठवीं से दसवीं कक्षा के प्रश्नपत्र जैसा था।
आरोपों की जांच की मांग
- आरोप है कि परीक्षा से तीन-चार दिन पहले ही प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों तक पहुंचा दिया गया, जिसके चलते अधिकांश अभ्यर्थियों को 100 में से 99 अंक प्राप्त हुए। शिकायत में स्थापना शाखा के अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
- मोर्चा ने मांग की है कि विभागीय पदोन्नति की गोपनीय प्रक्रिया की जांच कराई जाए और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से यह पता लगाया जाए कि गोपनीय अभिलेखों और वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (सीआर) में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई।
मिनी व्यापमं जैसा साबित हो सकता है
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला “मिनी व्यापमं” जैसी गंभीर परीक्षा अनियमितता साबित हो सकता है। इससे विभाग की पारदर्शिता व पदोन्नति प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगेंगे।
इनका कहना है
इस तरह की शिकायत मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि कोई ज्ञापन विभाग को सौंपा गया है तो निश्चित रूप से उसकी जांच करवाई जाएगी।
दीपक सिंह, आयुक्त, सहकारिता विभाग




