एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
प्रधानमंत्री धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 14 जिलों में 5050 से अधिक आदिवासी परिवारों के घरों तक पहुंची बिजली
भोपाल: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत मध्य प्रदेश में जनजातीय बहुल क्षेत्रों और गांवों के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों में अब तक 5,050 अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों के घरों और सार्वजनिक संस्थानों को बिजली कनेक्शन से रोशन किया जा चुका है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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योजना का उद्देश्य: इस विशेष अभियान के तहत उन आदिवासी बहुल और दूरदराज के गांवों के अविद्युतीकृत पात्र घरों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जहां अब तक बिजली नहीं पहुंच पाई थी।
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विद्युतीकृत घरों का जिलावार आंकड़ा: मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के दायरे में आने वाले 14 जिलों में अब तक कुल 5,050 घरों को रोशन किया गया है, जिसमें प्रमुख जिले शामिल हैं:
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विदिशा: 983 घर
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गुना: 960 घर
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रायसेन: 650 घर
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बैतूल: 642 घर
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हरदा: 528 घर
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सीहोर: 350 घर
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नर्मदापुरम: 332 घर
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राजगढ़: 156 घर
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श्योपुर: 151 घर
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भोपाल: 119 घर
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शिवपुरी: 94 घर
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मुरैना: 38 घर
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अशोकनगर: 37 घर
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ग्वालियर: 10 घर
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शीघ्र मिलने वाला लाभ: कंपनी के अनुसार, इस अभियान के तहत 519 और पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिनके घरों को बहुत जल्द बिजली कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।
ग्रामीणों के जीवन में आ रहा बदलाव
बिजली पहुंचने से आदिवासी परिवारों और ग्रामीण अंचल के जीवन में व्यापक सुधार देखने को मिल रहा है। घरों में रोशनी होने से बच्चों की पढ़ाई लिखाई सुगम हुई है, महिलाओं के घरेलू कामकाज आसान हुए हैं और रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो रहे हैं। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति, सड़क बत्ती (स्ट्रीट लाइट) और अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं के संचालन में भी मदद मिल रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है।




