एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त शिकंजा: लोक निर्माण विभाग के औचक निरीक्षण में 35 कार्यों की जांच, खराब काम मिलने पर 2 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट और 3 को नोटिस
भोपाल: मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। हाल ही में चलाए गए औचक निरीक्षण अभियान के तहत मुख्य अभियंताओं के दलों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में रेंडम आधार पर चयनित 35 निर्माण कार्यों का जायजा लिया। समीक्षा बैठक में गुणवत्ता के मानकों पर खरे न उतरने वाली निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए दो एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने और तीन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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औचक निरीक्षण अभियान: माह में दो बार चलाए जाने वाले विशेष अभियान के तहत सीहोर, बालाघाट, ग्वालियर, झाबुआ, अनूपपुर, रतलाम और पन्ना जिलों में 35 निर्माण कार्यों की जांच की गई।
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सख्त कार्रवाई: असंतोषजनक कार्य पाए जाने पर दो निर्माण एजेंसियों (मेसर्स ऋषिराज कंस्ट्रक्शन और मेसर्स पांडे कंस्ट्रक्शन कंपनी) को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की गई है, जबकि तीन अन्य एजेंसियों को नोटिस थमाए गए हैं।
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उत्कृष्ट कार्य के लिए सराहना: रतलाम जिले में बंजली-सेजावता बाइपास पर निर्माणाधीन आरओबी और छावनी झोड़िया के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण की गुणवत्ता बेहतर मिलने पर संबंधित अधिकारियों व उपयंत्रियों की सराहना की गई।
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‘लोकपथ एप’ पर निर्देश: शिकायतों का अनिवार्य रूप से तय समय-सीमा यानी 4 दिनों के भीतर निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
किन एजेंसियों पर हुई कार्रवाई?
मप्र सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में निम्नलिखित निर्देश दिए गए:
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ग्वालियर: अटल गेट से बहोड़ापुर चौराहा फोरलेन निर्माण की गुणवत्ता खराब मिलने पर ठेकेदार मेसर्स ऋषिराज कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट किया गया और संबंधित अधिकारियों को नोटिस दिया गया।
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अनूपपुर: कोयलारी-पुरगा-मझली सड़क का काम असंतोषजनक मिलने पर तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस और ठेकेदार मेसर्स पांडे कंस्ट्रक्शन कंपनी (कोरिया) के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की गई।
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झाबुआ: झाबुआ-जोबट-बाग-कुक्षी मार्ग का संधारण कार्य सही न मिलने पर मेसर्स गंगोत्री झाबुआ-जोबट-कुक्षी टोलवे लिमिटेड को नोटिस जारी किया गया।
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अनूपपुर (दूसरा मामला): नोनघाटी-दमेहड़ी-लीलाटोला मार्ग की स्थिति पर मुख्य ठेकेदार मेसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (गुरुग्राम) तथा उप ठेकेदार मेसर्स एटकान (नई दिल्ली) को नोटिस जारी हुआ।
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पन्ना: पन्ना-अमानगंज-सिमरिया मार्ग की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर मेसर्स जीवीआर पन्ना-अमानगंज टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड (हैदराबाद) को नोटिस जारी किया गया।
जांच के दौरान अन्य 23 कार्यों में भी कमियां पाए जाने पर आवश्यक आंशिक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।




