अब मध्य प्रदेश के विद्यार्थी विधि की पढ़ाई भी विदेश से कर सकते हैं। पहली बार विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के तहत विधि की पढ़ाई को भी जोड़ा है। …और पढ़ें
HighLights
- मध्य प्रदेश के सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी
- सालाना ₹8 लाख से कम आय वाले सवर्ण छात्रों को मौका
- स्नातकोत्तर और PHD के लिए दो साल तक वित्तीय सहायता
भोपाल। अब मध्य प्रदेश के विद्यार्थी विधि की पढ़ाई भी विदेश से कर सकते हैं। पहली बार विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के तहत विधि की पढ़ाई को भी जोड़ा है। मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने अनारक्षित वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना सत्र 2026-27 का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत विद्यार्थी विदेश की शीर्ष यूनिवर्सिटीज में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 25 मई है।
अधिकतम 40 हजार अमेरिकी डॉलर का प्रावधान
इस योजना के अनुसार, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को शासन की ओर से वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके लिए उम्मीदवार का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना और न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक होना अनिवार्य है। इसमें हर साल 20 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, इसके तहत 40 हजार अमेरिकी डालर दो साल में प्रदान किए जाते हैं।
इस योजना में चयनित विद्यार्थियों को वास्तविक व्यय या अधिकतम वार्षिक 38 हजार अमेरिकी डालर के साथ दो हजार अमेरिकी डालर (किताबें, आवश्यक उपकरण, टंकण, शोध प्रबंध की बांइडिंग एवं अन्य कार्य के लिए) कुल 40 हजार अमेरिकी डालर दिए जाते हैं। बता दें, कि यह योजना 2018-19 से लागू है। अभी तक 24 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। छात्रवृत्ति का आवंटन छात्र को वीजा मिलने के बाद किया जाएगा।
दो-दो वर्ष के लिए आर्थिक सहायता का नियम
छात्रवृत्ति योजना की अवधि योजना में प्रदेश के चयनित प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशिष्ट क्षेत्रों में स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्क्रमों/शोध उपाधि एवं शोध उपाधि के बाद कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रतिवर्ष जनवरी से जून सत्र के लिए 10 छात्रवृत्ति और जुलाई से दिसंबर सत्र के लिए 10 छात्रवृत्ति स्वीकृत की जाएगी। छात्रवृत्ति योजना में स्नातकोत्तर और पीएचडी उपाधि के लिए दो-दो वर्ष की अवधि के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यह है पात्रता
यह है पात्रता स्नातकोत्तर उपाधि के लिए आवेदक को मध्यप्रदेश एवं देश की किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/महाविद्यालय से पारंपरिक पाठ्यक्रम या व्यावसायिक पाठ्यक्रम से उत्तीर्ण होकर विदेश में निर्धारित विश्वविद्यालय से चयनित होने पर नियमानुसार अध्ययन करने की पात्रता होगी।
पीएचडी शोध उपाधि के लिए संबंधित विषय में स्नातकोत्तर में 60 प्रतिशत अंक एवं मध्यप्रदेश के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/शासकीय महाविद्यालय से संबंधित विषय में दो वर्ष के अध्ययन का अनुभव/एमफिल उपाधि होना अनिवार्य होगा।
आवेदन के लिए यह पात्रता होनी चाहिए
- मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य
- अनारक्षित वर्ग के छात्र-छात्राएं पात्र
- 10वीं और 12वीं मध्यप्रदेश से उत्तीर्ण
- न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक
- परिवार की आय आठ लाख रुपये से कम
- स्नातकोत्तर के लिए आयु 30 वर्ष तक
- पीएचडी के लिए आयु 35 वर्ष तक
- क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग टाप-500 विश्वविद्यालय में प्रवेश/आफर लेटर आवश्यक
यह योजना उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है जो प्रतिभा और योग्यता तो रखते हैं, लेकिन आर्थिक सीमाओं के कारण विदेश में उच्च शिक्षा का सपना पूरा नहीं कर पाते।- प्रबल सिपाहा, आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग




