मध्य प्रदेश में कर्मचारियों से जुड़े नियमों में स्पष्टता के अभाव में कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। सेवानिवृत्ति के कई मामलों में पेंशन से कटौती की स्थित …और पढ़ें

मध्य प्रदेश में कर्मचारी नियमों में बड़ा सुधार।
HighLights
- मध्य प्रदेश में कर्मचारी नियमों में बड़ा सुधार
- पेंशन कटौती और वसूली की प्रक्रिया होगी स्पष्ट
- अब कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मिलेगी मुक्ति
भोपाल। मध्य प्रदेश में कर्मचारियों से जुड़े नियमों में स्पष्टता के अभाव में कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। सेवानिवृत्ति के कई मामलों में पेंशन से कटौती की स्थिति बन रही है। विभाग बाद में कार्रवाई करते हैं और कर्मचारी कोर्ट में उन्हें चुनौती देते हैं, जिसके कारण एक तो वसूली अटकी रहती है, वहीं प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग एक-एक करके नियमों में सुधार कर रहा है। हाल ही में पेंशन नियम में संशोधन किए गए और वसूली संबंधी प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है।
न्यायालयीन निर्णयों के आधार पर नियमों में संशोधन
इसी कड़ी में आचरण नियम में भी संशोधन प्रस्तावित है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय के साथ-साथ नियमों में भी परिवर्तन होता है। वर्तमान स्थितियों और समय-समय पर न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णयों की रोशनी में पेंशनरों से जुड़ी प्रक्रिया को संशोधित किया गया है। इसमें पेंशन में कटौती से लेकर विभागीय जांच की प्रक्रिया तक शामिल है। इसी तरह से एसएनएस स्पर्श में खातों के संचालन को लेकर प्रक्रिया बनाई गई है।
वेतन वितरण और ऑनलाइन जांच प्रक्रिया में सुगमता
इसका लाभ यह होगा कि खाते बंद होने के कारण वेतन वितरण में जो विलंब होता था, वह नहीं होगा। विभागीय जांच के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने ऑनलाइन नोटिस को भी मान्यता दी है तो पूरी प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से चलाने के निर्देश दिए हैं। आचरण नियम को भी संशोधित किया जा रहा है। इसमें उपहार लेने से लेकर अन्य प्रविधानों को वर्तमान संदर्भ से जोड़ा जा रहा है।




