प्रदेश में किसानों को पात्रता के अनुसार दो बार में यूरिया देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सोमवार को हुई बैठक में अब एक बार में ही पूरा कोटा देना तय …और पढ़ें

MP में किसानों के लिए बड़ा फैसला
HighLights
- किसानों को अब दो बार के बजाय एक बार में ही मिलेगा पूरा खाद
- ई-विकास पोर्टल के जरिए भूमि आधार पर टोकन से मिलेगी खाद
- प्रदेश में 15 लाख टन खाद उपलब्ध, खरीफ फसलों के लिए वितरण शुरू
भोपाल। प्रदेश में भले ही अभी खाद की कमी नहीं है, मगर वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार सतर्कता बरत रही है। प्रदेश में किसानों को पात्रता के अनुसार दो बार में यूरिया देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सोमवार को हुई बैठक में अब एक बार में ही पूरा कोटा देना तय किया गया है। यही व्यवस्था डीएपी, एनपीके, फास्फेट और पोटाश में भी लागू की गई है। खरीफ सीजन की फसलों की बोवनी जून के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ हो जाएगी। इसके लिए डीएपी, एनपीके, फास्फोरस और पोटाश का वितरण शुरू कर दिया है। यूरिया की जरूरत बोवनी के 21 दिन बाद पड़ती है।
वैश्विक परिस्थितियों के बीच खाद की उपलब्धता और अनुमान
दरअसल, कृषि विभाग ने तय किया था कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित खाद के उपयोग की मात्रा के अनुसार किसानों को दो बार में यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। इसके पीछे वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया था, क्योंकि खाद का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है। पूरे सीजन में 18 लाख टन यूरिया लगने का अनुमान है। प्रदेश के पास अभी छह लाख 40 हजार टन यूरिया का भंडार है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी आवक में निरंतरता है, इसलिए सोमवार को तय किया गया कि किसानों को मंगलवार से एक बार में ही पात्रता के अनुसार यूरिया दिया जाएगा।




